शनिवार के दिन क्यों होती है शनि देव की पूजा? पढ़े उनके जन्म की रोचक पौराणिक कथा

    शनिवार के दिन क्यों होती है शनि देव की पूजा? पढ़े उनके जन्म की रोचक पौराणिक कथा

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):शनिवार का दिन सनातन धर्म में विशेष रूप से शनि देव की पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन के कष्ट कम होते हैं और भाग्य में सुधार होता है.पौराणिक कथाओं के अनुसार शनि देव का जन्म सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के घर हुआ था.कहा जाता है कि छाया माता ने कठोर तपस्या करके शनि देव को जन्म दिया था. शनि देव बचपन से ही गंभीर स्वभाव के थे और न्यायप्रिय माने जाते थे.

    न्याय का देवता”

    मान्यता है कि शनि देव हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते है. यानी अगर कोई अच्छा काम करता है तो उसे अच्छा फल मिलता है और अगर बुरा काम करता है तो उसे उसके अनुसार परिणाम भुगतना पड़ता है.इसी वजह से उन्हें “न्याय का देवता” भी कहा जाता है.शनिवार को शनि देव की पूजा करने की परंपरा इसलिए है क्योंकि यह दिन उनका प्रिय माना जाता है. इस दिन लोग सरसों का तेल, काले तिल, काले कपड़े और दीपक जलाकर उनकी पूजा करते है. इससे शनि दोष और जीवन की परेशानियों से राहत मिलने की मान्यता है.

    धीरे-धीरे शांति, स्थिरता और सफलता आने लगती है

    कहा जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से शनिवार को शनि देव की पूजा करता है, उसके जीवन में धीरे-धीरे शांति, स्थिरता और सफलता आने लगती है.इस तरह शनि देव की पूजा न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि यह हमें अच्छे कर्म करने और अनुशासित जीवन जीने की सीख भी देती है.



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