क्या है पेपरलेस आधार और कैसे होता है इसका इस्तेमाल, जानिए डाउनलोड करने का तरीका


टीएनपी डेस्क (TNPDESK): बैंक खाता खुलवाने, सिम कार्ड लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने समेत कई सेवाओं में आधार अनिवार्य हो चुका है. आधार कार्ड की जरूरत हर जगह पड़ती है पर कई बार ऐसा होता है की हम कार्ड या कागजों का चक्कर में नहीं पड़ना चाहते. ऐसे में हमारे पास इसका एक बेहतरीन ऑप्शन उपलब्ध है. इस दौड़ भाग और डिजिटल युग में पेपरलेस आधार का उपयोग भी बड़ी तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी कई लोग इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते.
क्या है पेपरलेस आधार?
पेपरलेस आधार, जिसे आधार पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी भी कहा जाता है, UIDAI द्वारा जारी एक डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज है. इसके जरिए आधार धारक अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं, बिना अपना आधार नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी (जैसे फिंगरप्रिंट या आईरिस) साझा किए. यह तरीका सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है.
ऑफलाइन ई-केवाईसी के लिए उपयोगकर्ता UIDAI की वेबसाइट से डिजिटल साइन की हुई XML फाइल डाउनलोड करते हैं. इस फाइल में नाम, पता, फोटो, लिंग, जन्मतिथि, पंजीकृत मोबाइल और ईमेल का हैश तथा एक रेफरेंस आईडी शामिल होती है, जिसमें आधार नंबर के अंतिम चार अंक और समय की जानकारी दर्ज रहती है. सेवा प्रदाता बिना आधार नंबर संग्रहीत किए पहचान की पुष्टि कर सकते हैं.
कैसे डाउनलोड करें?
UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Aadhaar Paperless Offline e-KYC” विकल्प चुनें. आधार नंबर या VID और कैप्चा दर्ज कर OTP प्राप्त करें. OTP सत्यापित करने के बाद एक शेयर कोड बनाएं, जो ZIP फाइल का पासवर्ड होगा. इसके बाद XML फाइल डाउनलोड की जा सकती है. इसे mAadhaar ऐप से भी प्राप्त किया जा सकता है.
कैसे करें उपयोग?
डाउनलोड की गई XML फाइल और शेयर कोड सेवा प्रदाता को दें. वह बिना आधार नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी देखे आपकी पहचान ऑफलाइन सत्यापित कर सकता है. बैंकिंग, सिम जारी करने और अन्य केवाईसी प्रक्रियाओं में यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित होती है.
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