Wayanad landslide:वायनाड में मौत की बारिश, झटके में 150 से ज्यादा मौतें, तबाह हो गए कई गांव

    Wayanad landslide:वायनाड में मौत की बारिश, झटके में 150 से ज्यादा मौतें, तबाह हो गए कई गांव

    TNP DESK: केरल के वायनाड में तेज बारिश के कारण लैंडस्लाइड में अब तक मरने वालों की संख्या 165 तक पहुंच चुकी है. हाल में 131 लोगों को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, जबकि 220 लोग लापता हो गए हैं. इस लैंडस्लाइड ने सोमवार रात 2 बजे और 4 बजे के बीच मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों को प्रभावित किया. इस तेज बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड मे  घर, पुल, सड़कें और गाड़ियां बह गई. आर्मी, एयरफोर्स, NDRF, SDRF, पुलिस और डॉग स्क्वॉड की टीमें रेस्क्यू कार्य में सहायता कर रही हैं. रात के कोने-कोने में 1 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जबकि 3 हजार लोगों को रिहैबिलिटेशन सेंटर में स्थानांतरित किया गया है. बुधवार को रेस्क्यू का दूसरा दिन है. मौसम विभाग ने आज भी वायनाड सहित पांच जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है. इससे रेस्क्यू ऑपरेशन में भी कठिनाई हो सकती है.

    5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी 

    मौसम विभाग ने कहा है कि बुधवार को कुछ जगहों पर बहुत ज़्यादा बारिश होगी. कुछ इलाकों में बहुत ज़्यादा बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बहुत कम बारिश हो सकती है.  

    स्कूल कॉलेजों मे दी गई छुट्टी

    दुर्घटना के बाद राज्य में शोक की लहर है. वहीं आज यानी  31 जुलाई को 12 इलाकों में स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं. केरल यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं बाद के लिए पुनर्निर्धारित की जाएंगी.

    क्या रही  लैंडस्लाइड की वजह

    वायनाड केरल का एक ऐसा स्थान है जो उत्तर-पूर्व में है और यह राज्य का एकमात्र समतल क्षेत्र है. इसका मतलब है कि इसमें मिट्टी, पत्थर और बहुत सारे पेड़-पौधे वाले ऊंचे और निचले दोनों तरह के क्षेत्र हैं. एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि केरल के 43% हिस्से में भूस्खलन होता है और वायनाड का 51% हिस्सा पहाड़ी है, इसलिए वहां भूस्खलन होने की संभावना अधिक है.

    वायनाड का पठार पश्चिमी घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां मॉनसून की अरब सागर वाली शाखा देश के पश्चिमी घाट से टकराकर ऊपर चढ़ती है. जिसके कारण इस इलाके में मानसून के समय अधिक वर्षा होती है. वायनाड में काबिनी नदी बहती है. इसकी उपनदी मनंतावडी 'थोंडारमुडी' चोटी से निकलती है. इसी नदी में भारी नुकसान के कारण भूस्खलन का सामना किया गया है.  

    मुंडक्कई गांव 250 लोग फंसे

    वायनाड का मुंडक्कई गांव भूस्खलन के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. यहां पर मुंडक्कई से चूरलमाला तक जाने वाला पुल बह चुका है, जिससे क्षेत्र तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. यहां बहुत से घर बह गए हैं, जिनमें 65 परिवार रहते थे.

    झारखंड सरकार ने प्रवासियों के लिए जारी किया हेल्प लाइन नंबर

    केरल के वायनाड मे आए भूस्खलन मे सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और इसमें कई प्रवासी लोग भी फंसे हुए भी है. ऐसे में झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट कर हेल्प लाइन नंबर आरी किया है. और उसमें लिखा है की अगर कोई झारखंड के प्रवासी वहां फंसे हो तो इन नंबरों पर कॉल करके मदद मांग सकते है.


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