Valentine's week : इंस्टाग्राम का इश्क़, सपनों का राजकुमार मिला झोपड़ी में

    Valentine's week: Instagram love, prince of dreams found in a hut | Valentine's week : इंस्टाग्राम का इश्क़, सपनों का राजकुमार मिला झोपड़ी में

    वेलेंटाइन वीक चल रहा है. चारों तरफ दिल, गुलाब और “ट्रू लव” के स्टेटस तैर रहे हैं. इसी बीच दुमका जिला के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के तिलकपुर गांव से निकली एक प्रेम कहानी बता देती है कि आजकल प्यार दिल से नहीं, डेटा पैक से शुरू होता है.

    इंस्टाग्राम पर दोस्ती, दहलीज लांघ गई महिला

    इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई. फिर चैट बढ़ी, इमोजी बढ़े, कॉल बढ़े और भरोसा भी बढ़ता चला गया. नतीजा हुआ कि 3 बच्चों की मां सुमा देवी घर, पति और बच्चों को छोड़ निकल पड़ी उस प्यार की तलाश में, जो रील्स में तो महल जैसा दिखता था.

    मोबाइल स्क्रीन पर दिख रही थी रंगीन जिंदगी

    मोबाइल स्क्रीन पर दिख रही जिंदगी असल जिंदगी से कहीं ज्यादा रंगीन थी. वहां सपने थे, वादे थे और एक बेहतर भविष्य का भरोसा था, बस शर्त इतनी थी कि घर छोड़ना होगा. 12 जनवरी को सुमा देवी ने वही किया जो आजकल फिल्मों और सोशल मीडिया में दिखाया जाता है.

    प्रेमी से हुई मुलाकात तो हट गया इंस्टाग्राम का फिल्टरइंस्टाग्राम का इश्क़,

    सपनों का राजकुमार मिला झोपड़ी में आंध्र प्रदेश पहुंचते-पहुंचते कहानी क्लाइमेक्स पर आ गई. मछलीपट्टनम में जब प्रेमी से मुलाकात हुई, तो इंस्टाग्राम फिल्टर अचानक हट गया. सपनों का राजकुमार झोपड़ी में मिला. वैभवशाली जिंदगी की जगह दिहाड़ी मजदूरी सामने थी. और तब समझ आया कि जो चमक मोबाइल में थी, वह असल में नेटवर्क की वजह से थी, हकीकत की नहीं.

    पथरा रही थी मासूम की आंखें

    इधर गांव में वेलेंटाइन वीक बच्चों के लिए मिसिंग मदर वीक बन चुका था. तीन मासूम बच्चों की आंखें रोज दरवाजे पर टिकती रहीं. पति थाना और उम्मीद के बीच चक्कर लगाता रहा.

    पुलिस ने कराई घर वापसी

    आखिरकार पुलिस को इस प्रेम कहानी का रियलिटी चेक करना पड़ा. डीआईजी के निर्देश पर पुलिस टीम आंध्र प्रदेश पहुंची और महिला को मछलीपट्टनम से बरामद कर वापस लाई. कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई और कहानी का हैप्पी एंडिंग नहीं, बल्कि घर वापसी हुआ.

    नेटवर्क कमजोर होते ही रिश्ते हो रहे हैं डिस्कनेक्ट

    यह घटना हमें सिखाती है कि आजकल का प्यार गुलाब से नहीं, वाईफाई से पनपता है. लेकिन नेटवर्क कमजोर होते ही रिश्ते भी डिस्कनेक्ट हो जाते हैं.
    वेलेंटाइन वीक में यह कहानी एक ही सवाल छोड़ती है.
    "यह कैसा प्यार, जो रील में महल और रियल में झोपड़ी निकले?"



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