टीएनपी डेस्क(TNP DESK):आज हमारा देश चाँद पर पहुंच चुका है लेकिन आज भी हमारे देश के कुछ ऐसे गरीब परिवार है जिनको दो वक़्त का खाना भी नसीब नहीं होता है.ऐसे लोगों को केंद्र सरकार खाद्य वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड उपलब्ध करवाकर हर महीने मुफ्त में राशन देती है ताकि इनका भरण पोषण हो सके.हालांकी राशन कार्ड योजना को लेकर सरकार की ओर से कई नियम और शर्ते लागू की गई है.देश का कोई भी इंसान राशन कार्ड योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकता.वही सरकार की ओर से अलग-अलग रंगों के राशन कार्ड जारी किए जाते है जिसका अलग-अलग लाभ और मतलब होता है.आज हम आपको , इसी के बारे में बताने वाले है कि कौन से रंग का राशन कार्ड कितना ज्यादा फ़ायदा पहुँचाता है.
राशन कार्ड बनवाने के लिए क्या है जरूरी नियम
आपको बता दे की सरकार की ओर से नया राशन कार्ड बनवाने के लिए कुछ नियम और शर्ते रखी गई है जिसका पूरा करना जरूरी है, जिसके मुताबिक अगर परिवार की कुल सलाना कमाई एक लाख बीस हजार रुपये से कम है तो वह परिवार राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है.वही जिन परिवारों के पास दोपहिया या चार पहिया वाहन नहीं है वैसे लोग भी राशन कार्ड के लाभुक हो सकते है.जिस परिवार के लोग टैक्स नहीं भरते है वैसे लोग भी राशन कार्ड के पात्र माने जाते है.इसके साथ ही किसी परिवार में अगर कोई भी सरकारी नौकरी करने वाला नहीं है तो वह परिवार राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है.इसके साथ ही अगर आपके घर का बिजली 2 किलो वाट से कम है, तो आप राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते है.
ऐसे लोग राशन कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकते
सरकार की ओर से खाद्य वितरण प्रणाली को लेकर नियम और शर्तें भी लागू की गई है क्योंकि कई बार राशन कार्ड योजना में फर्जीवाड़ा देखने को मिलता है जहां ऐसे लोग भी राशन कार्ड का लाभ उठाते है जो इसकी असली हकदार या पत्र नहीं है. सरकारी नौकरी करने वाले लोग दो पहिया चार पहिया से घुमने वाले लोग, करदाताओं की श्रेणी में आने वाले परिवार को राशन कार्ड योजना के लिए आवेदन नहीं करना चाहिए.अगर आप फर्जीवाड़ा में पकड़े जाते है तो आपका राशन कार्ड रद्द किया ज ही जाएगा, इसके साथ ही सरकार कार्रवाई भी कर सकती है.
कितने तरह का होता है राशन कार्ड ?
यह तो राशन कार्ड योजना के लाभों के बारे में बात हो गई है अब बात करते है कि राशन कार्ड कितने प्रकार का होता है और यह किस आधार पर अलग-अलग परिवारों को जारी किया जाता है.इसके लाभ क्या-क्या है तो आपको बता दें कि भारत में 5 तरह के राशन कार्ड मुख्य रूप से उपलब्ध कराए जाते है जिन्हे परिवार की आर्थिक स्थिति को आधार मानते हुए नीले, गुलाबी, सफ़ेद और पीले रंग का कार्ड जारी किया जाता है.राशन कार्ड के रंग ये बताते हैं कि धारकों को मिलने वाली सब्सिडी राशन की मात्रा और अन्य सरकारी योजनाओं में कितना लाभ होगा.
अलग-अलग रंग के राशन कार्ड के क्या-क्या मिलते है फायदे
आइए बात करते हैं कि राशन कार्ड के रंग के बारे में किसको कौन सा फ़ायदा मिलता है तो सबसे पहले बात कर लेते है तो प्राथमिकता परिवार PHH राशन कार्ड के तहत परिवार के हर सदस्य को प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न रियायती दरों पर दिया जाता है. केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित वर्तमान कीमतें 1 किलोग्राम चावल के लिए 3 रुपये, 1 किलोग्राम गेहूं के लिए 2 रुपये और 1 किलोग्राम मोटे अनाज के लिए 1 रुपये है.
गुलाबी/लाल कार्ड
AY कार्ड यानि गुलाबी या लाल कार्ड तो आपको बता दें कि गुलाबी/लाल कार्ड ऐसे गरीब परिवारों को जारी किया जाता है जिन्हें सबसे अधिक सब्सिडी वाला राशन यानि 35 प्रति किलो अनाज हर महीने मुफ्त में दिया जाता है.
पीला/हरा कार्ड
वही इसके बाद BPL परिवार यानि पिला/हारा कार्ड ऐसे परिवार को जारी किया जाता है जो गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले होते है इन्हें हर महिना कम दाम पर चावल दाल गेहूं और चीनी दी जाती है.
सफ़ेद/ नीला कार्ड
APL कार्ड यानि सफ़ेद/ नीला कार्ड गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले परिवारों के लिए होता है जो सामान्य आय वाले परिवार के लिए है यह किफायती दर पर राशन का लाभ दिया जाता है.
ऑरेंज कार्ड
वही अब बात कर लेते है ऑरेंज कार्ड कुछ राज्यों में ये कार्ड कामजोर आय एपीएल और बीपीएल के बीच के लिए जारी किया जाता है जहां ऐस फ़ैमिलीज़ को राशन और सब्सिडी का लाभ दिया जाता है.
Thenewspost - Jharkhand
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