रांची (RANCHI): राजधानी रांची के लाजपत नगर इलाके में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहां मौके पर एक महिला की मौत हो गई है. वहीं एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय महिला हज की ट्रैनिंग लेकर अपने घर वापस जा रही थी जहां नो एंट्री में घुसी एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार महिला को कुचल दिया. वहीं इस दौरान महिला के पति भी उनके साथ थे. वहीं अगले हफ्ते दोनों हज यात्रा पर जाने की तैयारी में थे, जिससे पहले घटनास्थल पर ही महिला की मौत हो गई है. इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने सड़क जाम कर दिया है, जिससे दोनों ओर से आवाजाही प्रभावित हो चुकी है.
वहीं दूसरा मामला राजधानी रांची के हरमु नदी के पास एक स्कूल बस का है, जिसका अचानक ब्रेक फेल हो गया. अनियंत्रित बस ने सड़क पर खड़ी कई गाड़ियों को टक्कर मार दी. बस में उस समय दर्जनों बच्चे सवार थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और सभी बच्चे सुरक्षित हैं. घटना की सूचना मिलते ही सुखदेवनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. वहीं जिन लोगों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं, उन्होंने मौके पर हंगामा भी किया.
बस चालक बीजदेव मुंडा ने बताया कि वह ट्रैफिक में खड़ा था और बच्चों को छोड़ने के लिए जा रहा था. तभी अचानक बस का ब्रेक काम करना बंद कर गया. उसने बस को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका. इसके चलते बस ने आगे खड़ी कई गाड़ियों को टक्कर मार दी.
इन दोनों घटनाओं ने राजधानी रांची की ट्रैफिक सुरक्षा और सड़क व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हरमु में स्कूल बस का ब्रेक फेल होना न केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया, बल्कि यह दर्शाता है कि वाहन की तकनीकी जाँच और नियमित रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा. वहीं, अरगोड़ा रोड पर तेज रफ्तार ट्रक द्वारा स्कूटी सवार महिला को कुचल देना यह साबित करता है कि नो एंट्री जैसे नियमों का पालन कराने में भी अधिकारियों की नाकामी साफ दिखाई देती है. इन हादसों से यह स्पष्ट होता है कि ट्रैफिक नियमों की अवहेलना और सड़क पर निगरानी की कमी गंभीर दुर्घटनाओं की ओर ले जा सकती है. बड़ा सवाल यहाँ यह भी है कि आखिर घटनास्थल वाले इलाके में तीन ट्रैफिक पोस्ट होने के बावजूद भी नो एंट्री में ट्रक कैसे घुसी? इलाके में तीन-तीन ट्रैफिक पोस्ट मौजूद होने के बावजूद नियमों की सही तरह से निगरानी नहीं की जा रही, जिससे नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नियमित वाहन जांच, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन और सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाई जाए, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है.
Thenewspost - Jharkhand
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