IIT और RIT से भी आगे हैं झारखंड का ये इंजीनियरिंग कॉलेज, वर्ल्ड रैंकिंग में मिला 21वां पोज़ीशन

    Top Engineering College in Jharkhand: झारखंड में अनेकों ऐसे कॉलेज हैं जहां एडमिशन लेने के लिए होड़ मची रहती है. पर क्या आप ये जानते हैं कि हमारे अपने राज्य में भी एक ऐसा इंजीनियरिंग कॉलेज मौजूद है जिसने IIT और RIT को भी पीछे छोड़ दिया है. यहाँ तक कि इस कॉलेज ने रैंकिंग में हार्वर्ड जैसे नमी गिरमी यूनिवर्सिटी से भी आगे निकल कर ना सिर्फ राज्य बल्कि देश का भी नाम रौशन किया है. जी हाँ ठीक समझा आपने यहाँ बात झारखंड के धनबाद स्थित IIT ISM की हो रही है. 

    IIT और RIT से भी आगे हैं झारखंड का ये इंजीनियरिंग कॉलेज, वर्ल्ड रैंकिंग में मिला 21वां पोज़ीशन

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में अनेकों ऐसे कॉलेज हैं जहां एडमिशन लेने के लिए होड़ मची रहती है. पर क्या आप ये जानते हैं कि हमारे अपने राज्य में भी एक ऐसा इंजीनियरिंग कॉलेज मौजूद है जिसने IIT और RIT को भी पीछे छोड़ दिया है. यहाँ तक कि इस कॉलेज ने रैंकिंग में हार्वर्ड जैसे नमी गिरमी यूनिवर्सिटी से भी आगे निकल कर ना सिर्फ राज्य बल्कि देश का भी नाम रौशन किया है. जी हाँ ठीक समझा आपने यहाँ बात झारखंड के धनबाद स्थित IIT ISM की हो रही है. 

    बताते कहलें कि आईआईटी आईएसएम धनबाद ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी वैश्विक पहचान मजबूत की है. संस्थान को मिनरल एंड माइनिंग इंजीनियरिंग में दुनिया में 21वां स्थान मिला है, जबकि इस क्षेत्र में यह देश में लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है. यह सफलता राज्य के साथ-साथ देश के लिए भी काफी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. 

    हालांकि केवल माइनिंग ही नहीं, बल्कि अन्य इंजीनियरिंग शाखाओं में भी संस्थान ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में इसे भारत में चौथा स्थान मिला है और वैश्विक स्तर पर 151-175 के रैंक बैंड में जगह मिली है. वहीं, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में संस्थान 501-575 रैंक बैंड में शामिल हुआ है, जो इसके बहुआयामी शैक्षणिक स्तर को दर्शाता है.

    बात करें IIT ISM कि तो, इस प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना वर्ष 1926 में ब्रिटिश शासन के दौरान की गई थी. उस समय इसका उद्देश्य खनिज क्षेत्र में उच्च स्तरीय शिक्षा और शोध को बढ़ावा देना था, ताकि उद्योगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके. शुरुआत में केवल 22 छात्रों और तीन ब्रिटिश शिक्षकों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है. आज भी यहां ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक लाल इमारतें मौजूद हैं, जहां पढ़ाई होती है.

    यहां दाखिला पाना आसान नहीं है. इसके लिए छात्रों को जेईई एडवांस्ड में बेहतरीन रैंक हासिल करनी होती है. आमतौर पर टॉप रैंकर्स ही यहां प्रवेश पा पाते हैं, जिसके लिए छात्र वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं. फीस की बात करें तो बीटेक के पहले सेमेस्टर की फीस करीब 1 लाख रुपये के आसपास है और पूरे कोर्स के लिए 12 से 13 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. प्लेसमेंट के मामले में भी संस्थान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. इस साल ऑफ-कैंपस प्लेसमेंट में तीन छात्रों को 1.5 करोड़ रुपये सालाना तक का पैकेज मिला, जो इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा और इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ को दर्शाता है.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Related News

    Our latest news