डेस्क जॉब में घंटों बैठना सेहत के लिए है खतरनाक; जानें 'डेस्क स्ट्रेचिंग' और बचाव के कारगर तरीके

    डेस्क जॉब में घंटों बैठना सेहत के लिए है खतरनाक; जानें 'डेस्क स्ट्रेचिंग' और बचाव के कारगर तरीके

    टीनपी डेस्क (TNP DESK): आज की आधुनिक जीवनशैली में 'डेस्क जॉब' एक अनिवार्यता जैसी बन गई है. घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना भले ही शारीरिक रूप से थकाने वाला न लगे, लेकिन यह एक 'साइलेंट किलर' की तरह हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तो 'सिटिंग' (ज्यादा देर बैठना) को 'न्यू स्मोकिंग' की संज्ञा दे दी है.

    लगातार बैठने के गंभीर नुकसान 

    1. मस्कुलोस्केलेटल विकार (MSDs)
    जब आप घंटों एक ही स्थिति में बैठते हैं, तो आपकी रीढ़ की हड्डी, गर्दन और कंधों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है. 'टेक्स्ट नेक' और 'स्लौचिंग' (झुककर बैठना) के कारण पीठ के निचले हिस्से में पुराना दर्द और डिस्क से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होती हैं.

    2. मेटाबॉलिज्म की धीमी गति
    लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से शरीर की वसा (Fat) जलाने की क्षमता 90% तक गिर जाती है. इससे इंसुलिन की प्रभावशीलता कम हो जाती है और शरीर में 'गुड कोलेस्ट्रॉल' का स्तर गिरने लगता है, जो अंततः मोटापे और मधुमेह का कारण बनता है.

    3. हृदय रोगों का जोखिम
    एक शोध के अनुसार, जो लोग दिन में 8 घंटे से अधिक बैठते हैं, उनमें हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा उन लोगों की तुलना में दोगुना होता है जो शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं. गतिहीन जीवनशैली धमनियों में रक्त के प्रवाह को बाधित करती है.

    4. मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
    अजीब लग सकता है, लेकिन बैठने का संबंध आपके मूड से भी है. शारीरिक गतिविधि की कमी से एंडोर्फिन जैसे 'फील-गुड' हार्मोन कम बनते हैं, जिससे काम के दौरान तनाव, चिंता और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है.

    डेस्क स्ट्रेचिंग'
    काम के बीच में छोटी-छोटी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज न केवल मांसपेशियों के तनाव को कम करती हैं, बल्कि रक्त संचार को बढ़ाकर मानसिक एकाग्रता (Focus) में भी सुधार करती हैं. यहाँ कुछ प्रभावी 'डेस्क स्ट्रेच' दिए गए हैं जिन्हें आप अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे कर सकते हैं.

    1. नेक रोल और स्ट्रेच (गर्दन के लिए)
    लगातार स्क्रीन देखने से गर्दन की मांसपेशियां जकड़ जाती हैं.
    कैसे करें- अपनी गर्दन को धीरे-धीरे एक कंधे की ओर झुकाएं और 10 सेकंड रुकें. यही प्रक्रिया दूसरी तरफ दोहराएं. फिर धीरे-धीरे ठुड्डी को छाती की ओर लाएं. यह सर्वाइकल के दर्द से बचाव करता है.

    2. शोल्डर श्रग्स (कंधों के लिए)
    टाइपिंग करते समय हमारे कंधे अक्सर ऊपर की ओर खिंचे रहते हैं.
    कैसे करें- सांस भरते हुए अपने कंधों को कानों तक ऊपर उठाएं, फिर सांस छोड़ते हुए उन्हें तेजी से नीचे गिराएं. इसे 5-10 बार दोहराएं. इससे कंधों की जकड़न तुरंत खत्म होती है.

    3. सीटेड स्पाइनल ट्विस्ट (रीढ़ के लिए)
    कमर के निचले हिस्से के तनाव को कम करने के लिए यह बेहतरीन है.
    कैसे करें- कुर्सी पर सीधे बैठें. अपने बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ से कुर्सी के पीछे के हिस्से को पकड़ें. धीरे से दाईं ओर मुड़ें और पीछे देखें. 15 सेकंड रुकें और फिर दूसरी तरफ करें. 

    4. रिस्ट और फिंगर स्ट्रेच (कलाइयों के लिए)
    कीबोर्ड और माउस का लगातार उपयोग 'कार्पल टनल सिंड्रोम' का कारण बन सकता है.
    कैसे करें- एक हाथ को सामने फैलाएं (हथेली बाहर की ओर) और दूसरे हाथ से उंगलियों को धीरे से अपनी ओर खींचें. फिर मुट्ठियां बंद करें और उन्हें गोल-गोल घुमाएं.

    5. डेस्क लेग एक्सटेंशन (पैरों के लिए)
    पैरों में रक्त के थक्के (DVT) जमने से रोकने के लिए यह जरूरी है
    कैसे करें- कुर्सी पर बैठे हुए एक पैर को सीधा सामने उठाएं और पंजे को अपनी ओर खींचें. 5 सेकंड रुकें और फिर नीचे ले आएं। इसे बारी-बारी से दोनों पैरों से करें.

    बचाव के तरीक़े 

    सिर्फ एक्सरसाइज ही काफी नहीं है, अपनी कार्यशैली में ये बदलाव लाना भी अनिवार्य है

    1. 20-20-20 नियम-  हर 20 मिनट बाद, 20 फीट दूर रखी किसी चीज़ को 20 सेकंड तक देखें. यह आंखों के तनाव को कम करता है.
    2. पोस्चर पर ध्यान दें- सुनिश्चित करें कि आपकी स्क्रीन आपकी आंखों के स्तर (Eye Level) पर हो. आपके घुटने और कूल्हे 90 डिग्री के कोण पर होने चाहिए.
    3. हाइड्रेटेड रहें-  पानी पीने के बहाने आप अपनी सीट से उठेंगे, जो शरीर के लिए एक प्राकृतिक ब्रेक का काम करेगा.
    4. स्टैंडिंग मीटिंग्स- यदि संभव हो, तो छोटी मीटिंग्स खड़े होकर या टहलते हुए करें.
    5. सीढ़ियों का प्रयोग- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों को चुनें ताकि पैरों की मांसपेशियों की कसरत हो सके.



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