शर्मनाक! दारोगा ने पत्रकार के साथ मिल कर चलती स्कार्पियों में लूटी नाबालिग की आबरू, पहले किया गैंगरेप फिर उसके घर के पास ही.....


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अगर हमें किसी से खतरा हो तो सबसे पहले ख्याल आता है पुलिस का. हमारे ज़हन में हमारी सुरक्षा के लिए सबसे पहला खाकी वर्दी का ही आता है. पर क्या आपने कभी सोचा है की अगर खाकी वर्दी पहन कर हमारी रक्षा करने वाले लोग ही जब भक्षक बन जाएंगे तो क्या होगा?
पर यहाँ मामला सिर्फ सुरक्षा का नहीँ बल्कि एक नाबालिग की आबरू से जुड़ा है, जिसे सुनकर ना सिर्फ पूरा पुलिस महकमा बल्कि आप भी शर्मसार हो जाएंगे और नफरत करेंगे उस वर्दी वाले दरोगा से जिसने ऐसा घिनौना काम किया है.
दरअसल मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार करने के साथ-साथ पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है. आरोप है कि एक दारोगा ने एक पत्रकार के साथ मिलकर चलती स्कॉर्पियो गाड़ी में नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. जब पीड़िता की हालत बिगड़ गई तो आरोपी उसे घर के पास फेंककर फरार हो गए. इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की भूमिका और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह घटना कानपुर के भीमसेन क्षेत्र से जुड़ी है. आरोपित दारोगा अमित मौर्या पर अपने ही कार्यक्षेत्र में इस जघन्य अपराध को अंजाम देने का आरोप है. बताया जा रहा है कि वारदात के समय वह काली रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में था, जिस पर “पुलिस” लिखा हुआ था. उसके साथ एक यूट्यूब पत्रकार शिवबरन भी मौजूद था. पुलिस लिखी गाड़ी में इस तरह की घटना सामने आने से आम लोगों में भारी आक्रोश है और पुलिस की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है.
मामले में यह भी सामने आया है कि पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद संबंधित थाना स्तर पर समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही पॉक्सो एक्ट के तहत तत्काल कार्रवाई हुई. इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है. वहीं, मुख्य आरोपी दारोगा अमित मौर्या को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है.
हालांकि घटना के बाद से दारोगा फरार है पर उसकी गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. वहीं, दूसरे आरोपी पत्रकार शिवबरन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है. पुलिस ने आरोपी की स्कॉर्पियो को भी जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है.
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ कड़ी आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी और बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी शुरू होगी.
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