राज्य का लाइफ लाइन RIMS पहले RMCH के नाम से था प्रचलित, जानिए क्या है रिम्स बनने की पूरी कहानी

    राज्य का लाइफ लाइन RIMS पहले RMCH के नाम से था प्रचलित, जानिए क्या है रिम्स बनने की पूरी कहानी

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड की राजधानी रांची में स्थित रिम्स आज राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है. गंभीर बीमारियों के इलाज से लेकर मेडिकल शिक्षा तक, यह संस्थान लाखों लोगों के लिए उम्मीद का केंद्र बन चुका है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आज जिस अस्पताल को हम रिम्स यानी राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के नाम से जानते हैं, वह कभी RMCH यानी राजेंद्र मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता था. समय के साथ इस संस्थान ने न सिर्फ अपना नाम बदला, बल्कि अपनी पहचान और व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव देखा.

    रिम्स की शुरुआत वर्ष 1960 में बिहार सरकार के अधीन राजेंद्र मेडिकल कॉलेज के रूप में हुई थी. उस दौर में यह अस्पताल और मेडिकल कॉलेज संयुक्त बिहार के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में गिना जाता था. इसका नाम देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के सम्मान में रखा गया था. धीरे-धीरे यहां मेडिकल शिक्षा और इलाज की सुविधाएं बढ़ने लगीं और यह संस्थान पूरे बिहार-झारखंड क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ा सहारा बन गया.

    उस समय इसे RMCH यानी राजेंद्र मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल कहा जाता था. वर्षों तक इसी नाम से यह अस्पताल संचालित होता रहा. यहां दूर-दराज के इलाकों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे. हालांकि समय के साथ बढ़ती आबादी और चिकित्सा जरूरतों के कारण इस संस्थान के आधुनिकीकरण की मांग उठने लगी. इसके बाद वर्ष 2002 में बड़ा बदलाव आया. झारखंड अलग राज्य बनने के बाद राज्य सरकार ने इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को नया स्वरूप देने का निर्णय लिया. संस्थान को अधिक स्वायत्तता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से RMCH का नाम बदलकर राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS) कर दिया गया. इसके साथ ही इसे एक स्वायत्त संस्थान का दर्जा भी मिला.

    नाम बदलने के पीछे उद्देश्य सिर्फ पहचान बदलना नहीं था, बल्कि इसे एम्स जैसे बड़े मेडिकल संस्थानों की तर्ज पर विकसित करना भी था. इसके बाद यहां सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं, आधुनिक उपकरण, नई बिल्डिंग और कई विभागों का विस्तार किया गया. आज रिम्स में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कैंसर उपचार समेत कई उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं. आज रिम्स झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है. राज्य के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह अस्पताल किसी जीवनदायिनी संस्था से कम नहीं है. RMCH से RIMS बनने तक का सफर सिर्फ नाम परिवर्तन की कहानी नहीं, बल्कि झारखंड की चिकित्सा व्यवस्था के विकास और आधुनिकता की पहचान भी है.



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