Mpox: मंकीपॉक्स को लेकर राहत देने वाली खबर, इन लोगों पर अटैक नहीं कर सकता मंकी बॉक्स
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टीएनपी डेस्क(TNP DESK): मंकी पॉक्स वायरस अब तक 116 देशों में फ़ैल चुका है, इसके बढ़ते खतरे की वजह से अब लोगों की चिंता बढ़ गई है. मंकी पॉक्स यानी एम पॉक्स को ग्रेड 3 इमरजेंसी में रखा गया है जिसका ये मतलब है कि अगर , इसके कुछ भी लक्षण दिखता है तो आप तुरंत इसका उपाय करे.आपको बताएं कि अफ्रीका के कई देश में मंकी पॉक्स अपना पांव पसार चुका है वही पाकिस्तान में भी अब इसकी एंट्री हो चुकी है. पाकिस्तान में मंकी पॉक्स का एक मामला सामने आया है. जिसका बाद अब भारत की भी चिंता बढ़ गई है.
अब तक 116 देशों में फ़ैल चुका है मंकी पॉक्स
आपको बताये कि मंकी पॉक्स की शुरुआत साल 2022 में हुई थी तब से लेकर आज तक इसका कहर जारी है और अब तक 116 देशों में फ़ैल चुका है.आपको जानकर हैरानी होगी कि इस साल अफ्रीका में मंकी पॉक्स के 14 हजार मामले सामने आये हैं जिनमे 524 लोगों की जान जा चुकी है,लेकिन इस वायरस को लेकर एक राहत देने वाली खबर भी सामने आई है.
पढ़े क्या है राहत देने वाली खबर
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जिन लोगों को भी चेचक यानि चिकन पॉक्स का टीका लग चुका है.उन लोगों को अब घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि जो लोग चिकन पॉक्स का टीका ले चुके हैं उन लोगों को इसका खतरा बिल्कुल भी नहीं है.
यह है मंकी पॉक्स के कुछ खास लक्षण
मंकी पॉक्स के कुछ खास लक्षण होते हैं जिसमें बुखार, सर दर्द बदन दर्द, थकन और शरीर पर दाने या फोड़े निकल आते हैं.यह एक वायरल बीमारी है इसलिए यह एक दूसरे से फ़ैलता है. अगर किसी व्यक्ति को मंकी पॉक्स हुआ है तो उसके द्वारा इस्तेमाल की गई सामान या उसके संपर्क में आने से भी दूसरा व्यक्ति संक्रमित हो सकता है.
ऐसे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है
चलिए जान लेते हैं आखिर मंकी पॉक्स है क्या है तो आपको बताएं कि मंकी पॉक्स एक वायरल बीमारी है.जो मंकी पॉक्स वायरस की वजह से ही फ़ैलती है.ऑर्थो पॉक्स वायरस जीनस की प्रजाति जिसकी पहचान साल 1958 में हुई थी.इस साल बंदरों में इस बीमारी का प्रकोप बहुत ज्यादा बढ़ गया था.यह बन्दरों में फ़ैलने वाली बिमारी है. जिसकी वजह से इसका नाम मंकी पॉक्स है.इसके लक्षण दो से चार हफ्ते तक रहते हैं सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाओं, बच्चों और ऐसे लोगों को है जिनको कोई बीमारी है.
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