टीएनपी डेस्क(TNP DESK): डिजिटल दौर में मनोरंजन का तरीका तेजी से बदल रहा है. अब लोग फिल्मों और वेब सीरीज का आनंद लेने के लिए थिएटर जाने के बजाय घर बैठे ओटीटी प्लेटफॉर्म का रुख कर रहे हैं. स्मार्टफोन, इंटरनेट और सस्ती सब्सक्रिप्शन योजनाओं ने मनोरंजन को बेहद आसान बना दिया है. यही वजह है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका सीधा असर सिनेमाघरों पर देखने को मिल रहा है.
पहले नई फिल्म रिलीज होने पर दर्शक बड़ी संख्या में थिएटर का रुख करते थे. टिकट बुकिंग, दोस्तों के साथ फिल्म देखना और बड़े पर्दे का अनुभव खास माना जाता था. लेकिन अब स्थिति बदल रही है. कई लोग फिल्म के ओटीटी पर आने का इंतजार करते हैं, ताकि वे घर बैठे आराम से देख सकें. इससे थिएटर में दर्शकों की संख्या कम होती जा रही है.
ओटीटी प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत है सुविधा. दर्शक अपनी पसंद के समय पर कंटेंट देख सकते हैं. न टिकट की चिंता, न समय की पाबंदी और न ही भीड़ का झंझट. यही कारण है कि युवा वर्ग तेजी से ओटीटी की ओर आकर्षित हो रहा है. कोरोना काल के दौरान यह ट्रेंड और तेज हुआ. लॉकडाउन के समय सिनेमाघर बंद थे, जबकि ओटीटी प्लेटफॉर्म लोगों के मनोरंजन का मुख्य साधन बन गए.
कई बॉलीवुड फिल्में जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं, ओटीटी पर हिट हो गईं और दर्शकों ने बाद में उनकी सराहना की, जिनमें शामिल हैं: सनम तेरी कसम 5 फरवरी 2016 को सिनेमा घर में रिलीज हुई लेकिन दर्शकों ने उन्हें नहीं सहराया लेकिन जब वह 7 फरवरी 2025 को ओटीटी पर रिलीज किया गया तो दर्शकों ने उसे खुब प्यार दिया. इतना ही नही सनम तेरी कसम2 बनाने की भी मांग करने लगे. 12वीं फेल मूवी 27 अक्टूबर 2023 को सिनेमा घर में रिलीज हुई थी लेकिन उसे भी दर्शकों का प्यार नहीं मिला जब वह मूवी 2 दो महीने बाद यानि की 29 दिसंबर को ओटीटी पर आई तो धमाल मचा दी और लोगों ने इस फिल्म की काफी सहराहना की. लाल सिंह चड्ढा 11 अगस्त 2022 को रिलीज हुई थी. लेकिन फ्लॉप हो गई लेकिन ओटीटी पर लोगों का प्यार मिला. बता दें कि ऐसी कई फिल्म है जो सिनेमा घर में फ्लॉप रही लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आने के बाद खूब प्यार मिला.
वही फिल्म इंडस्ट्री भी इस बदलाव को समझ रही है. कई निर्माता अब अपनी फिल्मों के लिए हाइब्रिड मॉडल अपना रहे हैं, यानी पहले थिएटर रिलीज और कुछ समय बाद ओटीटी रिलीज. इससे उन्हें दोनों प्लेटफॉर्म का फायदा मिल रहा है. वहीं, कुछ फिल्में सीधे ओटीटी पर रिलीज की जा रही हैं, खासकर वे जिनका बजट कम है या जिनका टारगेट ऑडियंस डिजिटल दर्शक हैं. ओटीटी प्लेटफॉर्म का बढ़ता क्रेज मनोरंजन की दुनिया में बड़ा बदलाव ला रहा है. यह कहना गलत नहीं होगा कि अब दर्शकों के पास ज्यादा विकल्प हैं. हालांकि थिएटर की चमक पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन ओटीटी ने उसे कड़ी चुनौती जरूर दी है.
Thenewspost - Jharkhand
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