टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : हेमंत सोरेन 2014 वाला वाले नहीं है. 2019 से उन्होंने जो शासन की बागडोर संभाली है, उनमें परिपक्वता और बेहतर सूझबूझ का साफ प्रभाव देखा जा रहा है. जिस प्रकार से उन्होंने कई ऐसे ठोस कदम उठाए हैं, उससे उनके भविष्य और अच्छे हो सकते हैं.
विरोधियों को पटखनी देने की कला आ गई मुख्यमंत्री में
फिलहाल हम एक ही उदाहरण की चर्चा करेंगे जिससे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दृढ़ता और परिपक्वता नजर आती है. राजेंद्र चौक-सिरम टोली फ्लाईओवर का जिस प्रकार से उन्होंने उद्घाटन किया, वह चर्चा का विषय बना हुआ है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की जनता को साफ संदेश दे दिया है कि उनके लिए विकास भी बहुत महत्वपूर्ण है.
सिरम टोली सरना स्थल के पास बने रैंप को लेकर आदिवासी संगठन विरोध कर रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री ने बहुत स्मार्ट तरीका अपनाया. विरोध को नजरअंदाज करते हुए इसका उद्घाटन कर दिया. हां, यह जरूर है कि इस उद्घाटन कार्यक्रम का बहुत ढिंढोरा नहीं पीटा गया. यह भी मुख्यमंत्री की सूझबूझ का प्रतीक है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यह चाहते थे कि फ्लाईओवर चालू हो जाए क्योंकि यह बनकर तैयार था. राज्य की जनता को इससे लाभ मिलेगा और यह काम उन्होंने कर दिखाया. ज्यादा हल्ला हंगामा या ढिंढोरा पीटने से विवाद बढ़ सकता था और फिर विधि व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती थी.इसलिए बहुत ही बुद्धिमानी से उन्होंने फ्लाईओवर को चालू करवा दिया. विरोध करने वाले हवा हवा हो गए.
जिन्हें किसी प्रकार की राजनीति करनी थी वह भी चुप्पी साध गए तो विपक्षियों को भी उन्होंने इस काम से पटखनी दे दी. राजनीतिक क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या स्मार्ट एक्सरसाइज किया है. उधर प्रशासनिक महकमे में भी कतिपय निर्णय को लेकर मुख्यमंत्री की दृढ़ता और परिपक्वता की चर्चा हो रही है. मजबूत आंकड़ों से बनी यह साझेदारी सरकार पूरे आत्मविश्वास के साथ चल रही है और राज्य की जनता भी महसूस कर रही है. मुख्यमंत्री निर्णय लेने में ठोस तरीके से आगे बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि विकास के लिए सभी को मिलजुल कर काम करना होगा.
Thenewspost - Jharkhand
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