लौहनगरी जमशेदपुर में चाइनीज़ चापड़ बना अपराधियों का नया हथियार, अधिकाँश वारदात में हो रहा है इसका इस्तेमाल

    लौहनगरी जमशेदपुर में चाइनीज़ चापड़ बना अपराधियों का नया हथियार, अधिकाँश वारदात में हो रहा है इसका इस्तेमाल

    जमशेदपुर(JAMSHEDPUR):जमशेदपुर में इन दिनों अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे है. शहर में लगातार चोरी, डकैती, हत्या और अपहरण जैसी वारदातें सामने आ रही है. हैरानी की बात यह है कि इन घटनाओं में अब “चाइनीज़ चापड़” का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है. अपराधियों के बीच यह हथियार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लगभग हर बड़ी वारदात में इसका उपयोग देखने को मिल रहा है.

    90 प्रतिशत मामलों में चाइनीज़ चापड़ का इस्तेमाल

    हाल के दिनों में शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रोंखासकर उलीडीह, मानगो, टेल्को और आसपास के इलाकों में चापड़ से हमले की कई घटनाएं सामने आई है. पिछले कुछ दिनों में आधा दर्जन से अधिक मामलों में लोग घायल हुए है. पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि करीब 90 प्रतिशत मामलों में चाइनीज़ चापड़ का इस्तेमाल किया गया.

    आखिर अपराधियों ने पिस्टल और गोली की जगह चापड़ को क्यों चुना?

    पुलिस ने कई मामलों में अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चाइनीज़ चापड़ भी बरामद किए है.ये चापड़ आकार में छोटे होते है, लेकिन बेहद धारदार और मजबूत होते है जिससे एक ही वार में किसी की गर्दन भी कट सकती है.अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर अपराधियों ने पिस्टल और गोली की जगह चापड़ को क्यों चुना? पुलिस के अनुसार, चाइनीज़ चापड़ आसानी से बाजार में उपलब्ध है और इसकी खरीद-फरोख्त पर सख्त निगरानी नहीं है. यही कारण है कि अपराधी इसे आसानी से हासिल कर वारदातों को अंजाम दे रहे है.

    सख्त नियंत्रण की जरूरत

    वही शनिवार को टेल्को थाना क्षेत्र में हुई चापड़बाजी की घटना इसका ताजा उदाहरण है, जिसमे तीन लोग घायल हो गए, जबकि आरोपी फरार हो गए.इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही है जिससे शहरवासियों में दहशत का माहौल है. पुलिस ने बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए छापेमारी तेज कर दी है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है.हालांकि, जिस तरह से चापड़बाजी की घटनाएं बढ़ रही है, उसे देखते हुए इस पर सख्त नियंत्रण की जरूरत महसूस की जा रही है.



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