बेटे को जेल से छुड़ाने के एवज में पुलिस वाले ने मां से की शारीरिक संबंध बनाने की मांग, पीरियड की बात पर चेक करने लगा प्राइवेट पार्ट! कांस्टेबल की कारस्तानी जान उड़ जाएंगे होश

    बेटे को जेल से छुड़ाने के एवज में पुलिस वाले ने मां से की शारीरिक संबंध बनाने की मांग, पीरियड की बात पर चेक करने लगा प्राइवेट पार्ट! कांस्टेबल की कारस्तानी जान उड़ जाएंगे होश

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): हमारी सुरक्षा की जब बात आती है तो सबसे पहले हमें पुलिस जवानों की याद आती है. वहीं हमारे रक्षक हैं जो समाज की बुराई से हमारी सुरक्षा के लिए उत्तरदायी हैं. पर क्या हो जब वहीं कानून के रखवाले, लोगों के रक्षक नहीं बल्कि उनके भक्षक बन जाएँ. पढ़कर अटपटा जरूर लगा होगा पर ऐसा ही एक चौकने वाला मामल सामने आया है छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से जहां पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है.

    दरअसल बेटे को जेल से बाहर निकालने का लालच देकर एक महिला से गलत संबंध बनाने की कोशिश करना एक पुलिस आरक्षक को भारी पड़ गया. महिला से छेड़छाड़ और अनैतिक आचरण के आरोप में पुरानी भिलाई थाना में पदस्थ आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. यह कड़ी कार्रवाई दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर की गई है. 

    पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका बेटा पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद है इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए आरोपी आरक्षक ने बेटे को जेल से छुड़ाने का भरोसा दिया और इसके बदले शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने लगा. महिला का आरोप है कि आरक्षक लगातार उसे परेशान कर रहा था. 

    महिला के अनुसार 18 नवंबर 2025 को आरोपी ने उसे चरौदा बस स्टैंड पर बुलाया. वहां से वह उसे अपनी निजी गाड़ी में बैठाकर एक सुनसान जगह पर ले गया. महिला ने आरोप लगाया कि वहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई. उसने यह भी बताया कि जब उसने पीरियड्स होने की बात कही, तब भी आरोपी ने आपत्तिजनक हरकतें कीं. 

    पुलिस जांच में कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर कई अहम सबूत सामने आए हैं. जांच में यह पुष्टि हुई कि घटना के दिन आरक्षक ने महिला को कई बार फोन किया था और दोनों की लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई. इन तथ्यों से महिला के आरोपों को मजबूती मिली है. 

    मामला सामने आने के बाद इलाके में हंगामा मच गया. हालांकि शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी आरक्षक फरार हो गया. उसकी फरारी और लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए पुलिस विभाग ने बिना विभागीय जांच के ही उसे तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर दिया. विभाग का कहना है कि इस कृत्य से पुलिस की साख को गंभीर नुकसान पहुंचा है और यह सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है.

    वहीं फिलहाल आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी.


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