अगर मेरी बात नहीं मानी तो...गाली गालौज करे पुलिस या आपके ऊपर उठाये हाथ तो क्या है आपका अधिकार, जानिए कानून


टीएनपी डेस्क(TNP DESK):देश में आम लोगों की रक्षा के लिए पुलिस के जवानों और अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है, ताकि हर तरह की परेशानी से आम लोगों को बचाया जा सके और अपराध पर नियंत्रण किया जा सके लेकिन अक्सर भारत में देखा जाता है कि ताकतवर लोग ही नियमों कानून को तोड़ते है खासकर पुलिस.कभी ना कभी घुस लेते देखे जाते है तो कभी असहाय गरीब लोग पर लाठियां बरसाते है.इनके पास पावरफुल और पैसे वाले लोगों से बात करने की हिम्मत तो नहीं है लेकिन गरीब लोगों पर ये काफी ज्यादा धौस जमाते है.ऐसा में अगर आपको अपने अधिकार के बारे में पता ना हो तो आपके साथ अन्याय होता रहेगा.
पुलिस को मारपिट का अधिकार नहीं
बहुत बार ऐसा होता है कि आपकी गलती नहीं होती है, फिर भी पुलिस वाले आपके साथ गाली-गलौज और मारपिट करते है, जब की उनके पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है.किसी के साथ भी गाली-गलौज करना और मारपीट करना गैरकानूनी माना जाता है.यदि आपके ऊपर किसी अपराध का आरोप लगा है तो भी पुलिस को मारपिट करने और दुर्व्यवहार करने का अधिकार नहीं है ये कोर्ट का मामला है.ऐसे में सवाल उठता है कि अगर आपको पुलिस के जवान मारते है या फिर गालियां देते है तो कानून में आपको कौन से अधिकार दिए गए है.
पुलिस के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी
आपको बता दें कि आमतौर पर लोग पुलिस के खिलाफ आवाज नहीं उठाते है, वे सोचते है कि अधिकारी उन्हें किसी झूठे केस में फंसा कर गिरफ़्तार कर लेंगे, लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है.यदि आपके आपके साथ भी पुलिस के जवान गाली में गोलौज मारपीट कर रहे है तो आपको आवाज उठाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है.चलिए आपको बता देते है कि ऐसी स्थिति आने पर आप क्या-क्या कर सकते है.
भारतीय दंड संहिता की धारा 197 के तहत होती है कार्रवाई
आपको बता दें कि यदि कोई पुलिस का जवान या अधिकारी आपको गलत गवाही देने के लिए मजबूर कर रहा है या कोशिश कर रहा है या कुछ व्यक्तिगत लाभ के लिए आपको डराने धमकाने की कोशिश कर रहा है.भारतीय दंड संहिता की धारा 197 के तहत केंद्र सरकार से अनुमति लेकर हस्तक्षेप किया जा सकता है,और पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किया जा सकता है.वही अगर पुलिस गलत गवाही देने के लिए मजबूर करती है तो भी इसे भ्रष्टाचार माना जाता है इसलिए अगर आप इस तरह की किसी भी स्थिति में फंस रहे है तो आईपीसी की धारा 193 के तहत 3 साल तक की सजा और जुर्माना लगता है.वही पुलिस अधिकारी की नौकरी भी जा सकती है.कभी भी अगर कोई पुलिस अधिकारी आपके साथ गलत व्यवहार करे तो आप उसकी खिलाफत करवा सकते हैं और अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा कर सकते है.
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