बोकारो (BOKARO): बोकारो पुलिस महकमे में इन दिनों हड़कंप जैसा महोल है जिसपर ताबड़तोड़ एक्शन हो रहा है. यह एक्शन सिर्फ आरोपित पुलिस अधिकारियों के लिए ही बड़ा संदेश नहीं है, बल्कि जो अधिकारी खुद को वर्दी की आड़ में अपने को नियम-कानून से ऊपर दिखाने और बताने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी एक बड़ा सबक है. दरअसल, बोकारो में एक बड़ी कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर एक महिला थानेदार का ऑडियो खूब वायरल हुआ. इससे बोकारो पुलिस की किरकिरी होनी शुरू हो गई. बोकारो एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और गालीबाज चास थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है.
ऑडियो क्लिप थाना प्रभारी का होने की पुष्टि के बाद हुआ एक्शन
बोकारो पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि दिनांक 13. 4.26 को सोशल मीडिया में एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ. जिसमें थाना प्रभारी के द्वारा अजय नामक व्यक्ति के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जा रहा है. उक्त आलोक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चास सदर बोकारो को वायरल क्लिप के संदर्भ में जांच कर जांच प्रतिवेदन देने को कहा गया. उक्त आलोक में जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया. जिसमें बताया गया है कि वायरल किए गए ऑडियो में पुलिस निरीक्षक सुषमा कुमारी, जो चास की थाना प्रभारी हैं, के द्वारा एक पुरुष के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रही हैं. जांच में इस बात की पुष्टि हुई है. उपरोक्त जांच के आधार पर पुलिस इंस्पेक्टर सुषमा कुमारी, थाना प्रभारी चास को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक पुलिस केंद्र, बोकारो में पदस्थापित किया जाता है.
अभी 2 दिन पहले ही बोकारो पिंड्राजोरा थाना के 28 हुए थे निलंबित
उल्लेखनीय है कि कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में अभी 2 दिन पहले ही बोकारो के पिंड्राजोरा थाना के 28 पुलिस अधिकारी और कर्मियों को एक साथ निलंबित कर दिया गया था. उन पर हत्याकांड के आरोपी के साथ सांठगांठ के प्रारंभिक साक्ष्य मिले थे. बता दें कि यह मामला काफी सुर्खियों में रहा. पिछले साल जुलाई महीना से लापता एक लड़की की हत्या कर दी गई थी और लाश को जंगल में छुपा दिया गया था. आश्चर्य इस बात की हुई कि आरोपी पिंड्राजोरा पुलिस अधिकारियों के साथ इस दौरान उठता -बैठता रहा. इस मामले में जब जांच हुई तो आरोपी की निशानदेही से लड़की की कंकालनुमा लाश बरामद की गई. जांच में यह बात सामने आई कि थाना के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने जांच की दिशा को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश की. इसके बाद थाने के सभी अधिकारी और कर्मियों को एक साथ निलंबित कर दिया गया था. झारखंड के इतिहास में यह शायद पहला मामला है, जब एक साथ एक थाना के सभी अधिकारी और कर्मियों को निलंबित किया गया हो.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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