शक्ति उपासना का पर्व: आज से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, मां दुर्गा की कृपा पाने का दुर्लभ अवसर


TNP DESK- आज से गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है. यह नवरात्रि विशेष रूप से तंत्र-साधना, शक्ति उपासना और गुप्त साधकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. साल में दो बार आने वाली गुप्त नवरात्रि आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है. इस दौरान मां दुर्गा के दस महाविद्या स्वरूपों की साधना की जाती है.
क्या है गुप्त नवरात्रि का महत्व
गुप्त नवरात्रि में साधक मां दुर्गा की गुप्त रूप से उपासना करते हैं. मान्यता है कि इस दौरान की गई साधना से व्यक्ति को सिद्धि, आत्मबल, भय से मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. तंत्र, मंत्र और यंत्र साधना के लिए यह समय विशेष फलदायी माना जाता है
गुप्त नवरात्रि की पूजा-विधि
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को शुद्ध कर चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं
मां दुर्गा या महाविद्या की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें
दीपक, धूप, पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित करें
व्रत का संकल्प लें
दुर्गा सप्तशती, चंडी पाठ या महाविद्या मंत्रों का जाप करें
अंत में मां से क्षमा प्रार्थना कर आरती करें
गुप्त नवरात्रि के प्रमुख मंत्र
1. दुर्गा मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
2. चामुंडा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
3. नवदुर्गा बीज मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं दुर्गायै नमः
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
पूजा और साधना को गुप्त रखें
सात्विक आहार लें और संयम का पालन करें
नकारात्मक विचारों से दूर रहें
ब्रह्मचर्य और नियमों का पालन करें
क्यों विशेष मानी जाती है गुप्त नवरात्रि
ऐसा माना जाता है कि इस दौरान की गई साधना शीघ्र फलदायी होती है.मां दुर्गा अपने साधकों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और उन्हें विशेष कृपा प्रदान करती हैं.
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