देश में 2004-2014 की तुलना में 2014-22 में ईडी ने 27 गुना डाले रेड, वित्त मंत्री ने संसद में बताए आंकड़े  

    देश में 2004-2014 की तुलना में 2014-22 में ईडी ने 27 गुना डाले रेड, वित्त मंत्री ने संसद में बताए आंकड़े  

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): सोनिया गांधी से ईडी ने आज तीसरे दिन भी पूछताछ की. पूछताछ खत्म होने के बाद ईडी ने उन्हें आगे कोई नोटिस नहीं दी है. वहीं सोनिया गांधी से पूछताछ का कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया है. इसी बीच राज्यसभा में आज ईडी द्वारा किये गए छापों का ब्यौरा दिया गया. इसमें बताया गया कि 2014-2022 के दौरान ईडी द्वारा किए गए छापे में 2004-2014 के बीच की तुलना में लगभग 27 गुना वृद्धि हुई है. 2004-2014 के बीच जहां ईडी ने 112 छापे किये थे. वहीं 2014-2022 के बीच ये आंकड़ा 3,010 हो गया है.

    पंकज चौधरी ने दिया जवाब

    जूनियर वित्त मंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि पुराने मामलों में लंबित जांच को निपटाने और नए मामलों में पीएमएलए के तहत समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करने के लिए, बड़ी संख्या में छापेमारी की गई थी. मामलों में जटिल जांच, जिसमें कई आरोपी हैं, के लिए कई छापों की आवश्यकता होती है जिससे ऐसी कार्रवाइयों की संख्या में वृद्धि होती है. बता दें कि PMLA कानून 2002 में अधिनियमित किया गया था, लेकिन 1 जुलाई 2005 से लागू किया गया था.

    कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए 2004 और 2014 के बीच सत्ता में थी, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 2014 के मध्य से सत्ता में आई थी. चौधरी शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के एक सवाल का जवाब दे रहे थे. जिन्होंने पूछा था कि क्या ईडी की छापेमारी 2014 की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत हो गई है. यदि ईडी द्वारा मामलों का छापा और दर्ज शिकायत का अनुपात 2014 से काफी कम हो गया है.

    प्रियंका चतुर्वेदी ने पूछा सवाल

    प्रियंका चतुर्वेदी ने 2004-05 से 2013-14 के वित्तीय वर्ष की अवधि के आंकड़े प्रदान करते हुए कहा कि पीएमएलए कानून लागू होने के पहले नौ वर्षों के दौरान, कम संख्या में तलाशी (112) की गई, जिसके परिणामस्वरूप 5,346.16 करोड़ रुपये की अपराध की आय कुर्क की गई और 104 अभियोजन शिकायतें दर्ज की गईं. इस अवधि के दौरान, ट्रायल कोर्ट ने धन शोधन के अपराध के लिए किसी भी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया या पीएमएलए के तहत किसी भी संपत्ति को जब्त नहीं किया.

    वित्त मंत्री ने उपलब्ध कराए आंकड़े

    इसके जवाब में चौधरी ने इसके बाद 2014-15 और 2021-22 के बीच आठ वित्तीय वर्षों के आंकड़े उपलब्ध कराए. उन्होंने कहा कि पुराने मामलों में लंबित जांच को निपटाने के लिए और पीएमएलए के तहत समयबद्ध तरीके से नए मामलों में जांच पूरी करने के लिए, पिछले आठ वर्षों के दौरान 3,010 तलाशी की गई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 99,356 करोड़ रुपये के अपराध की आय कुर्क की गई. इमैन 888 मामलों में अभियोजन शिकायत दर्ज करना और 23 आरोपियों/संस्थाओं को दोषसिद्धि और 869.3 करोड़ रुपये की अपराध की आय को जब्त करना भी शामिल है.

     


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