जंगल में तबाही का सामान बरामद,सुरक्षा बल के जवानों के हाथ लगा नक्सलियों का तहखाना


TNPDESK: देश में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान की शुरुआत की गई है. इस अभियान में कई बड़ी कामयाबी जवानों को मिली है. हाल के दिनों में जंगल में सुरक्षा बल के जवानों की गतिविधि बढ़ गई. जिसका नतीजा है कि हर दिन सफलता मिल रही है. इसी कड़ी में सुरक्षा बल के जवानों को नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के जंगल में अभियान के दौरान नक्सलियों का तहखाना मिला है. जहां तबाही का सामान छिपा कर रखा गया था. लेकिन अब जवानों ने कब्जा कर लिया.
दरअसल अबूझमाड़ का जंगल सबसे घना है. और यह इलाका नक्सलियों का सबसे सेफ जोन माना जाता था. लेकिन जब सुरक्षा बल के जवानों की कार्रवाई तेज हुई और इस जंगल में लगातार अंदर बढ़ते चले गए. कई कैम्प बना कर नक्सलियों की हर गतिविधि पर नजर रखना शुरू किया. इसके बाद धीरे धीरे जंगल से उनका सफाया होता चला गया है. कभी इस जंगल में कोई जाने से परहेज करता था. लेकिन अब सुरक्षा बल के जवानों की कार्रवाई से जंगल करीब करीब नक्सलमुक्त हो गया है. महज कुछ ही कैडर बचे है. जिनके खात्मे के लिए जवान मोर्चा संभाल कर बैठे है.
अब अबूझमाड़ के जंगल में मिली कामयाबी की बात कर लेते है. सुरक्षा बल के जवानों का अभियान ग्राम मडोड़ा से भोटोर तक चल रहा था. इसमें ITBP की टीम शामिल थी. अभियान के बीच ही जवानों की नजर एक प्रेसर IED पर पड़ी,जिसे बिना किसी नुकसान के नष्ट किया गया. इसके बाद इलाके की तलाशी ली गई. जिसमें विस्फोटक,IED,प्रेसर बम,डेटोनेटर समेत नक्सल उपयोग में आने वाली वस्तु को बरामद किया गया.
यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. समान जब्त करने के बाद जवान नक्सलियों की खोज कर रहे है. सूचना है कि इसी इलाके में नक्सलियों का दस्ता मौजूद है. जिसके खात्मे को लेकर जवानों ने अभियान तेज कर दिया. इस अभियान में ITBP के साथ बम निरोधक दस्ता भी मौजूद है. जिससे IED या नक्सलियों की किसी जाल में जवान ना फंस जाए.
31 मार्च माओवादियों के खात्मे की तय तारीख है
गृह मंत्रालय ने नक्सलियों के खात्मे को लेकर 31 मार्च तक की डेड लाइन रखी है. जिसके तहत जंगल में जवानों की मूवमेंट बढ़ गई. और लगातार सभी इलाकों से उनका सफाया किया जा रहा है.
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