आज दोपहर बाद सीएम नीतीश ले सकते हैं बड़ा फैसला, गणतंत्र दिवस पर बच्चों के बीच खुद ही बांटी जलेबी, जानिए क्या है सियासी मायने

    आज दोपहर बाद सीएम नीतीश ले सकते हैं बड़ा फैसला, गणतंत्र दिवस पर बच्चों के बीच खुद ही बांटी जलेबी, जानिए क्या है सियासी मायने

    पटना(PATNA): बिहार में अभी सियासी तूफान और तेज हो गया है. इस तूफान में कौन बच पाएगा और कौन इसकी चपेट में आ जायेगा यह तो आने वाले वक्त में ही पता चलेगा. क्योंकि पिछले कुछ दिनों से राज्य में जेडीयू से लेकर आरजेडी और बीजेपी खेमा अलग-अलग बैठकें कर रहा है. दिल्ली से पटना तक नेताओं की व्यस्तता है. कल केसी त्यागी, सम्राट चौधरी और अश्विनी चौबे एक साथ पटना से दिल्ली गए थे. कहा जा रहा है कि जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार महागठबंधन का साथ छोड़ने का मूड बना रहे हैं और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में वापसी कर सकते हैं. इसकी वजहें भी गिनाई जा रही हैं. हालांकि, आरजेडी खेमा मान-मनोव्व्ल में जुटा है. अंतिम फैसला सरप्राइजिंग नेता नीतीश कुमार को ही लेना है. बताया जाता है कि आज दोपहर के बाद नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में भूचाल लाने वाले हैं और कोई फैसला ले सकते हैं.

    जलेबी से भरा हुआ ट्रे लेकर खड़े नजर आए सीएम नीतीश

    बिहार में राजनीतिक संकट के बीच गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बच्चों के बीच जलेबी बांटते हुए नजर आए. इस दौरान नीतीश कुमार छोटे-छोटे बच्चों को वहां देखकर बेहद खुश भी नजर आए. इस ट्रे से भरे जलेबी के साथ सीएम नीतीश की तस्वीर कई माईनों में बहुत कुछ कह रही है. या उन्होंने खुशी में बच्चों के बीच बांटे या कुछ और संदेश दे रहे हैं. क्योंकि इससे पहले इस तरह की तस्वीर कभी नहीं आयी थी. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बच्चों को बहुत प्यार करते हैं. कई कार्यक्रम में उनकी तस्वीर बच्चों के साथ दिखाई दी है. लेकिन जलेबी लेकर बांटने वाली तस्वीर कभी नहीं देखी गई. बता दें कि देश आज 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना में अपने आधिकारिक निवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान होने के बाद बच्चों और वहां मौजूद अन्य लोगों के बीच जलेबी बांटी. इस दौरान नीतीश कुमार खुद जलेबी से भरा हुआ ट्रे लेकर खड़े नजर आए।

    राजनीतिक भविष्य साधने में जुटे सियासी दल

    दिलचस्प है कि बिहार में नीतीश कुमार एक बार फिर से पाला बदलने की अटकलें लगाई जा रही है जिसके बाद पटना में तमाम सियासी दल अपना राजनीतिक भविष्य साधने में जुटे हुए हैं. कहा जा रहा है कि संभावना जताई जा रही है कि नीतीश कुमार या तो एनडीए में शामिल हो सकते हैं या फिर वो बिहार विधानसभा को भंग कर लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा चुनाव कराने की अनुशंसा भी कर सकते हैं. 

    बिहार में राजनीतिक तनाव

    दरअसल बिहार में ये सियासी उठापटक जननायक और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुरी की जयंती के मौके पर केंद्र सरकार के एक एलान के बाद शुरू हुई. केंद्र सरकार ने दिग्गज समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान कर दिया जिसके बाद बिहार के तमाम राजनीतिक पार्टियों में क्रेडिट लेने की होड़ मच गई. आरजेडी, जेडीयू और बीजेपी के नेता भिड़ गए. 

    इसके अगले दिन कर्पूरी ठाकुरी के जन्म जयंती के मौके पर बिना नाम लिए परिवारवाद को लेकर सीधा हमला बोला था. ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने यह हमला लालू यादव के परिवार और कांग्रेस को लेकर बोला था. इसके बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी बिना नाम लिए सोशल मीडिया पर निशाना साधा था जिसके बाद बिहार की राजनीति और गर्म हो गई. 

     रिपोर्ट: संजीव ठाकुर 


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