बदलाव की बयार के बीच बिहार: राज्यसभा की चार सीट तो क्लियर है,पांचवी सीट क्यों नापेगी औकात

    बदलाव की बयार के बीच बिहार: राज्यसभा की चार सीट तो क्लियर है,पांचवी सीट क्यों नापेगी औकात

    धनबाद(DHANBAD):  बिहार में बदलाव की बयार  के बीच राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी  बढ़ गई है.  एनडीए और राजद  में पांचवें उम्मीदवार की जीत के लिए खींचतान  बढ़ती जा रही है.  एनडीए भी पांचवें उम्मीदवार की जीत के लिए प्रयास कर रहा है, तो राजद  भी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है.  इस बीच पता चला है कि राजद  के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में राजद  विधायकों की मंगलवार को बैठक बुलाई है.  हो सकता है कि राजद  विधायकों को वह कुछ निर्देश जारी करें।  राजद  ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार दिया है.  एनडीए  चार उम्मीदवारों की जीत के लिए निश्चिंत  है, लेकिन पांचवें की जीत के लिए रणनीति तैयार की जा रही है. 

     बता दें कि 2026 के राज्यसभा चुनाव के लिए 6 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है.  जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं.  इसके अलावे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, भाजपा नेता शिवेश राम  शामिल हैन.  जबकि राजद की ओर से अमरेंद्र धारी सिंह उम्मीदवार बनाए गए हैं.  किसी ने भी अपना नामांकन वापस नहीं लिया है.  इसलिए अब ऐसा लगता है कि चुनाव होकर ही रहेगा। 

     एनडीए अपने संख्या बल के हिसाब से चार सीट जीतने को निश्चिंत  है.  एक राज्यसभा सीट के लिए 41 वोट की जरूरत पड़ेगी।  तेजस्वी यादव पांचवें उम्मीदवार की तरफ नजर गड़ाए  हुए है.  महागठबंधन के कुल मिलाकर 35 विधायक होते हैं.  ऐसे में ओवैसी की पार्टी और मायावती की पार्टी की तरफ तेजस्वी की नजर है.  ओवैसी की पार्टी के पांच विधायक हैं, जबकि बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक हैं.  अगर सभी ने सपोर्ट कर दिया तो राजद  उम्मीदवार की जीत हो सकती है. 

     इधर, भाजपा ने गतिविधि बढ़ा दी है.  जानकारी के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को केंद्रीय आब्जर्वर नियुक्त किया है.  राज्यसभा का चुनाव 16 मार्च को होने जा रहा है.  बता दे कि  बिहार के पांच राज्यसभा सीटों में दो बीजेपी के पास जाना और दो जदयू के पास जाना तो तय है.  असली लड़ाई पांचवें उम्मीदवार  को लेकर चल रही है.  पांचवे  उम्मीदवार के लिए तेजस्वी यादव अगर गणित बैठा  सके तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। और एनडीए के लिए हार भी. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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