टीएनपी डेस्क(TNP DESK): आज-कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब लोग काम से थक जाते हैं, तो कुछ समय निकालकर छुट्टियों में घूमने जाना पसंद करते हैं. किसो को धार्मिक स्थलों पर जाना पंसद है, तो कोई पहाड़, समुद्र या किसी खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस पर जाकर सुकून के पल बिताना चाहता है. ऐसे में लोग अच्छे होटल में कमरा बुक करते हैं ताकि वहां आराम से रह सकें और अपनी ट्रिप को इंजॉय कर सके अच्छी-अचछी यादें बना सकें.
लेकिन कई बार होटल में रुकते समय की गई एक छोटी सी गलती आपकी पूरी ट्रैवल को तनावपूर्ण बना सकती है. इतना ही नहीं, यह आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है. इसलिए कुछ लोग होटल के कमरे में पहुंचते ही सबसे पहले टीवी का प्लग निकाल देते हैं.
अब सवाल यह उठता है कि आखिर टीवी तो मनोरंजन के लिए लगाया जाता है, फिर उसे अनप्लग क्यों किया जाता है? दरअसल, पहले होटल के कमरों में साधारण केबल टीवी हुआ करते थे, लेकिन अब अधिकतर होटलों में स्मार्ट टीवी लगाए जाते हैं. इन स्मार्ट टीवी के जरिए मेहमान ऑनलाइन कंटेंट देख सकते हैं, ऐप्स चला सकते हैं, अपने मोबाइल या लैपटॉप को कनेक्ट कर सकते हैं और होटल की जो अलग-अलग सर्विस की जानकारी भी ले सके. ये स्मार्ट टीवी आमतौर पर होटल में लगे वाई-फाई नेटवर्क और सेंट्रल मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े होते हैं.
यही तकनीक जहां सुविधाएं बढ़ाती है, वहीं प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा से जुड़े कुछ जोखिम भी पैदा कर सकती है. कुछ स्मार्ट टीवी में माइक्रोफोन, कैमरा या डेटा ट्रैकिंग जैसे फीचर भी होते हैं, जो वॉइस कमांड या अन्य स्मार्ट सुविधाओं के लिए बनाए जाते हैं. हालांकि इनका उद्देश्य मेहमानों का अनुभव बेहतर बनाना होता है, लेकिन कई लोग सावधानी के तौर पर इन डिवाइस को डिस्कनेक्ट करना बेहतर समझते है.
स्मार्ट टीवी कई बार यूजर की देखने की आदतों से जुड़ा डेटा इकट्ठा कर सकते हैं. इसके अलावा कई लोग होटल के टीवी पर अपने नेटफ्लिक्स, यूट्यूब या अन्य स्ट्रीमिंग अकाउंट से लॉग-इन कर लेते हैं और बाद में लॉग-आउट करना भूल जाते हैं. ऐसे में अगला मेहमान उस अकाउंट तक पहुंच सकता है.
इसी जोखिम से बचने के लिए कई ट्रैवलर टीवी का इस्तेमाल नहीं करते या उसका प्लग निकाल देते हैं, ताकि कोई अनजाने में उनकी प्राइवेट जानकारी तक न पहुंच सके. इसके अलावा स्मार्ट टीवी होटल के नेटवर्क से जुड़े होते हैं और उसी नेटवर्क पर अन्य डिवाइस भी एक्टिव रहते हैं. भले ही बड़े होटल मजबूत सुरक्षा व्यवस्था रखते हों, लेकिन पब्लिक नेटवर्क में कुछ जोखिम हमेशा बने रहते हैं. इसलिए कुछ लोग कमरे में गैर-जरूरी डिवाइस को डिस्कनेक्ट कर देते हैं.
खासकर वे लोग जो अपने लैपटॉप या मोबाइल में महत्वपूर्ण या संवेदनशील काम का डेटा रखते हैं, वे अतिरिक्त सावधानी बरतना पसंद करते हैं. इसलिए अगली बार जब आप होटल में ठहरें, तो अपनी प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहें. छोटी-छोटी सावधानियां आपकी यात्रा को सुरक्षित और तनाव-मुक्त बना सकती हैं.
Thenewspost - Jharkhand
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