बड़ा सवाल: क्यों एक बार फिर सवालों के घेरे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी,क्यों और कब हुआ था गठन

    बड़ा सवाल: क्यों एक बार फिर सवालों के घेरे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी,क्यों और कब हुआ था गठन

    TNP DESK- नीट परीक्षा रद्द होने के बाद एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एन टीए )  सवालों के घेरे में आ गई है.  3 मई ' 2026 को आयोजित हुई नीट की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है..  जानकारी के अनुसार 2017 में गठन के बाद से ही यह संस्था किसी न किसी पेपर लीक , परीक्षा रद्द होने को लेकर चर्चा में रहती आई है.  एक आंकड़े के अनुसार 2018 से 2024 तक 16 बड़ी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं.  ताजा मामला 3 मई  2026 को आयोजित परीक्षा का रद्द होना है.  दरअसल, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नवंबर 2017 में इस संस्था के गठन को मंजूरी दी थी.  

    एजेंसी के जिम्मे पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं आयोजित करना है 

    मकसद था उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाओं को पारदर्शी और सही ढंग से आयोजित करना।  यह  संस्था देश की तमाम राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करती है. एनटीए   का गठन 2017 के अंत में हुआ था और उसने 2018 से परीक्षाएं आयोजित करनी शुरू की.  आंकड़े के मुताबिक 2018 से 2024 तक एनटी ए कम से कम 16 बड़ी परीक्षाओं को स्थगित कर चुका है.  इनमें से कई परीक्षाएं कोविड  महामारी, प्रशासनिक या तकनीकी कारणों  से स्थगित की गई थी.  लेकिन पिछले कुछ सालों में पेपर लीक और गड़बड़ियों की वजह से परीक्षाएं रद्द होने की घटनाएं अधिक हो गई हैं.  यह अलग बात है कि यह संस्थाएं कई बड़ी परीक्षाओं का सफल आयोजन भी किया है. 

    रिकॉर्ड 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था

     बता दें  कि मंगलवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बड़ा निर्णय लेते हुए 3 मई  को आयोजित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट  यूजी -2026 को रद्द कर दिया है.  पेपर लीक और व्यापक अनियमितताओं के प्रमाण मिलने के बाद केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है.  सीबीआई ने एफआईआर  दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.  टेस्टिंग एजेंसी का कहना है कि यद्यपि परीक्षा दोबारा कराने  से लाखों छात्रों को असुविधा होगी, लेकिन राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को क्षति से बचाने  के लिए यह कदम उठाया गया है.  इस वर्ष नीट  यूजी के लिए रिकॉर्ड 22 लाख से भी अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था.  परीक्षा भारत के 551 शहरों  और विदेश के 14 शहरों में बने 5400 से अधिक केन्द्रो  पर हुई थी.  परीक्षा रद्द होने से इन सभी छात्रों को फिर से परीक्षा देनी होगी।



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