रांची (RANCHI): राजधानी में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. कांके थाना क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक लोगों से मेकॉन और सीसीएल में नौकरी लगाने का भरोसा देकर करीब 33 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगा है. मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह मामला कांके स्थित रीभर डेल सिटी निवासी सुदर्शन चौबे की शिकायत पर दर्ज किया गया है. शिकायत में देवाषीष मिश्रा, प्रियांसु मिश्रा, ज्योति मिश्रा और वंदना दास को आरोपी बनाया गया है. पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को बड़े अधिकारियों से जुड़ा हुआ बताकर लोगों को नौकरी और गेस्ट हाउस का लालच दिया और लाखों रुपये वसूल लिए.
सुदर्शन चौबे ने पुलिस को बताया कि देवाषीष मिश्रा उनके घर के पास रहता था और वर्ष 2025 से दोनों परिवारों के बीच अच्छा संबंध था. इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने उन्हें मकान के ऊपर दो फ्लोर बनाने की सलाह दी. उसने दावा किया कि एक फ्लोर सीसीएल और दूसरा मेकॉन को गेस्ट हाउस के रूप में किराए पर दिला देगा. इसके लिए उसने कार्यालय खर्च के नाम पर करीब छह लाख रुपये ले लिए. आरोपी ने यह भी कहा कि उसकी बहन वंदना दास दिल्ली में रहती हैं, जो आयकर विभाग से रिटायर्ड अधिकारी हैं, जबकि उनके पति कोयला मंत्रालय में सचिव पद पर हैं. खुद को सीसीएल और मेकॉन अधिकारियों से करीबी संबंध रखने वाला बताते हुए उसने कई लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया.
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने गेस्ट हाउस और नौकरी की प्रक्रिया के नाम पर घर के दस्तावेज, नक्शा, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक दस्तावेज भी ले लिए. धीरे-धीरे उसने सुदर्शन चौबे समेत करीब 13 लोगों से अलग-अलग किस्तों में 32.91 लाख रुपये ठग लिए. पैसे आरोपी के अलावा उसके बेटे प्रियांसु और पत्नी ज्योति मिश्रा के खातों एवं फोनपे के जरिए ट्रांसफर करवाए गए. पीड़ितों का आरोप है कि रुपये लेने के बाद न तो किसी को नौकरी मिली और न ही गेस्ट हाउस का कोई काम हुआ. जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा. फिलहाल कांके थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

