धनबाद (DHANBAD): बंगाल में विधानसभा का चुनाव खास हो गया है. पूरे देश की नजर बंगाल के चुनाव परिणाम पर लगी हुई है. वोटिंग हो जाने के बाद भी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में "राजनीतिक युद्ध" जारी है. ममता बनर्जी पूरी तरह से "फाइटर" की भूमिका में हैं. वह लगातार अपने संगठन के लोगों को निर्देश दे रही हैं. मतगणना स्थल की विशेष निगरानी कर रही हैं. खुद भी पहुंचकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रही हैं. जिम्मेवारी सौंप रही हैं. बताया जाता है कि तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के पूर्व महानिदेशक राजीव कुमार को विशेष जिम्मेवारी दी है. इस बार उन्हें मतगणना में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. ममता बनर्जी ने अपने प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक की है. जिलेवार मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है.
ममता बनर्जी का दावा-200 से अधिक सीटें जीत रही
ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बड़े अंतर से जीत रही है. पार्टी को 200 से अधिक सीट मिलेगी. राजीव कुमार इसी साल राज्य पुलिस के महानिदेशक के पद से सेवानिवृत हुए हैं. उसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा है. तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है. वह फिलहाल राज्यसभा के सांसद हैं. इधर, इस बार बंगाल का चुनाव कई मामलों में महत्वपूर्ण रहा. बंगाल में भारी मतदान हुआ है. इस मतदान को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के अपने-अपने दावे हैं.
वोटिंग के बाद किसका क्या दावा
तृणमूल कांग्रेस इसे एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ जनता का गुस्सा बताया है, तो भाजपा कह रही है कि यह वोटिंग सत्ता परिवर्तन की लहर है. इस बार के चुनाव में आंकड़े कुछ ऐसी कहानी बता रहे हैं, जो पहले कभी नहीं देखी गयी. वर्ष 2021 में बंगाल में मतदाताओं की संख्या 7,34,14,746 थी. वर्ष 2026 में यह घटकर 6,82,51,008 रह गयी. यानी लगभग 51.63 लाख मतदाता कम हुए. वोटर कम होने के बावजूद, 2021 की तुलना में इस बार ज्यादा वोटिंग हुई. 2021 में 5.98 करोड़ लोगों ने वोट दिया था, वर्ष 2026 में 6.34 करोड़ लोगों ने मतदान किया. यानी 36.65 लाख ज्यादा वोट पड़े हैं.

