बिहार के सबसे गरीब विधायक का एलान, अम्बेडकर के बाद लालू मेरे भगवान, देखिये यह रिपोर्ट

    बिहार के सबसे गरीब विधायक का एलान, अम्बेडकर के बाद लालू मेरे भगवान, देखिये यह रिपोर्ट

    पटना(PATNA)- कच्ची मिट्टी की मकान से अपनी जिंदगी की शुरुआत करने वाले रामवृझ सदा को जब सीएम नीतीश कुमार ने विधायक आवास की चाभी सौंपी थी, तो रामवृझ सदा अपनी आखों से आंसू को रोक नहीं पाये थें. तब उनकी तस्वीर राष्ट्रीय अखबारों की सुर्खियां बनी थी.

    लोगों के लिए यह विश्वास करना इतना आसान नहीं था कि जब आज के राजनीतिक परिवेश में चुनावी टिकट का वितरण में धन बल, जन बल और बाहु बल की ताकत को देख कर दिया जाता है, राजद ने झुग्गी-झोपड़ी से निकलने वाले रामवृझ सदा को ना सिर्फ अपना उम्मीदवार बनाया बल्कि लालू यादव के विश्वास पर खरा उतरते हुए रामवृझ सदा चुनाव में अपनी सादगी का परचम भी लहरा दिया.

    पैरों में हवाई चप्पल, लेकिन स्पष्ट वैचारिकी के मालिक रामवृक्ष सदा

    रामवृक्ष सदा के पैरों में आज भी हवाई चप्पल है, उसमें में कई छेद है, लेकिन रामवृक्ष सदा की वैचारिकी में कोई छेद नहीं है. नहीं तो क्या कारण है जिस वक्त पूरे ताम-झाम के साथ लालू यादव के संघर्ष को भ्रष्ट साबित करने की कोशिश की जा रही है. हर दिन उनके परिवार के खिलाफ ईडी और सीबीआई की छापे पड़ रहे हैं.

    उस बेहद मुश्किल दौर में भी रामवृक्ष सदा ने लालू यादव को बिहार का नेल्सन मंडेला करार देने का जोखिम उठाया है.

    लालू नहीं होते तो रामवृक्ष सदा को टिकट देने का राजनीतिक जोखिम कौन उठाता

    बेहद भावुक आवाज में रामवृक्ष सदा कहते हैं कि हमारा पहला भगवान बाबा साहेब अम्बेडकर हैं तो दूसरा भगवान लालू यादव, यदि अम्बेडकर साहब नहीं होते तो इस देश में समानता का अधिकार नहीं होता, यदि समानता होती भी तो उसके जद में हम नहीं होते और यदि लालू यादव नहीं होते, दलित-पिछड़ों की उनकी राजनीति नहीं होती तो इस झोपड़ी में रहने वाले रामवृक्ष सदा को चुनाव का टिकट देने का जोखिम कौन उठाता.

    बिहार के सबसे गरीब विधायक है रामवृक्ष सदा

    यहां यह भी बता दें कि रामवृक्ष सदा की गिनती बिहार के सबसे गरीब विधायकों में की जाती है. पटना में नीतीश कुमार के हाथों विधायक आवास की चाबी लेते बेहद भावुक उन्होंने कहा था कि वह मुसहर जाति से हैं, उनके इस बयान के बाद बिहार में अमीर विधायक और गरीब विधायक की बहस छिड़ गयी थी, अब रामवृक्ष सदा ने लालू यादव को देश का नेल्सन मंडेला घोषित कर एक और राजनीतिक बहस छेड़ दिया है.

    इतना तो साफ है कि रामवृक्ष सदा के इस बयान के बाद भाजपा शांत नहीं बैठेगी, उसकी ओर से रामवृक्ष सदा को घेरने की हर रणनीति बनायी जायेगी, लेकिन भाजपा की परेशानी  यह है कि झुग्गी से राजनीति की शुरुआत करने वाले रामवृक्ष सदा के खिलाफ किसका इस्तेमाल करेगी?


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