पलामू (PALAMU): हुसैनाबाद थाना में पदस्थापित एक पुलिस अधिकारी नर्वदेश्वर सिंह पर स्थानीय चाय दुकानदार से प्रतिमाह पांच हजार रुपये रंगदारी मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है. इस घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है. इधर नर्वदेश्वर सिंह पर एक स्थानीय चाय दुकानदार से हर महीने ₹5000 रंगदारी मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगा है, जिसका वीडियो सीसीटीवी में कैद होने का दावा किया जा रहा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
मामला जपला–छतरपुर मुख्य सड़क स्थित पेट्रोल पंप के सामने संचालित ‘बाबा चाय दुकान’ से जुड़ा है. दुकान के संचालक शुभम पाठक ने आरोप लगाया है कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने उनसे हर महीने ₹5000 देने की मांग की थी. जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी अपने कुछ सहयोगियों के साथ दुकान पर पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी.
पीड़ित के अनुसार, विरोध करने पर उसके साथ और उसके भाई के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई. इतना ही नहीं, उन्हें दुकान बंद कराने और कारोबार ठप कर देने की धमकी भी दी गई. घटना के बाद से दुकानदार और उसका परिवार भय के माहौल में जी रहा है. वहीं, बाजार के अन्य व्यापारियों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है.
बताया जा रहा है कि दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है. वायरल हो रहे फुटेज में कुछ लोग दुकान के अंदर घुसकर धक्का-मुक्की करते और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है.
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो भी वायरल बताया जा रहा है, जिसमें संबंधित पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति से पैसे लेने की बात स्वीकार करते हुए सुनाई दे रहा है. ऑडियो में ₹2000 लेने और ₹5000 तय होने की बात का जिक्र होने का दावा किया जा रहा है, साथ ही अभद्र भाषा के प्रयोग के आरोप भी लगाए गए हैं.
स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले पर ही इस तरह के आरोप लगते हैं, तो आम जनता का भरोसा कमजोर होता है.
हालांकि, इस मामले में अब तक थाना या संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. जांच के बाद ही वायरल वीडियो और ऑडियो की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी. बताया जा रहा है कि पहले भी संबंधित अधिकारी पर दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे, लेकिन वे मामले ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाए थे. इस बार वायरल साक्ष्यों के कारण मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है.
Thenewspost - Jharkhand
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