पटना(PATNA): केंद्रीय उर्वरक मंत्री द्वारा बिहार सरकार पर लगाए गए आरोप के बाद कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने प्रेस कान्फ्रेन्स की. उन्होंने कहा कि 17 साल से एनडीए की सरकार में कृषि मंत्री बीजेपी के पास रही है. 17 साल से बिहार में बीजेपी ने कृषि मंत्रालय को बर्बाद किया है. उन्होंने कहा कि यूरिया पर्याप्त मात्रा में भारत सरकार ने दिया ही नहीं तो कैसे तस्करी का आरोप लगा रहे हैं.
ज्यादा कीमत पर उर्वरक भेज रही कंपनियां
उर्वरक कंपनियां भारत सरकार की कंपनी है. बिहार में उर्वरक कंपनियों सही काम नहीं कर रही है. 2,25,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी उर्वरक कंपनियों को भारत सरकार ने दिया है. उर्वरक कंपनियों ने इसके बावजूद भी कीमत से अधिक मूल्य पर उर्वरक भेजा, जबकि नियम है कि अधिक रेट पर बेचने पर सब्सिडी का लाभ उर्वरक कंपनियों को नहीं दिया जाता है. किसानों को उर्वरक सही से मिले इसलिए उर्वरक विक्रेताओं और लाइसेंस के लिए नियमों में बदलाव किया जा रहा है.
कृषि मंडी को फिर से लाया जाएगा
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में आने के बाद मैंने गड़बड़ी करने वालों की जांच की और कार्रवाई की. कृषि अधिकारियों में तब्दीली करना चाहता हूं और तब्दीली होगी तो और बेहतर कार्य होगा. उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर खेती करने के लिए बेहतर नीति के माध्यम से काम होगा. कृषि मंडी को से हम फिर से वापस लाएंगे. बिहार सरकार के कृषि विभाग में अब विशेषज्ञों की सलाह लेकर काम होगा, बिहार में सिर्फ अधिकारियों पर जो निर्भरता थी उसे कम की गई है.
Thenewspost - Jharkhand
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