पटना (PATNA) : बिहार की राजधानी पटना स्थित जेडीयू प्रदेश कार्यालय में उस समय हलचल बढ़ गई जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक पार्टी कार्यालय पहुंच गए. उस समय कार्यालय में जनता की समस्याएं सुनने के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम चल रहा था. नीतीश कुमार के अचानक पहुंचने से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया.
पार्टी पदाधिकारियों से की बातचीत
कार्यालय पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने पूरे परिसर का घूम-घूमकर निरीक्षण किया. उन्होंने कार्यालय के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और वहां की व्यवस्थाओं को ध्यान से देखा. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से भी बातचीत की और कार्यालय के बेहतर उपयोग को लेकर सुझाव दिए.
नियमित और प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री जनसुनवाई कार्यक्रम वाले कक्ष में भी पहुंचे. वहां उन्होंने कुछ देर रुककर कार्यक्रम की व्यवस्था देखी और यह जाना कि जनता की समस्याएं किस प्रकार सुनी जा रही हैं. उन्होंने मौजूद नेताओं और पदाधिकारियों से भी बातचीत की तथा कार्यक्रम को नियमित और प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया.
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान नीतीश कुमार ने जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से भी बातचीत की. उन्होंने कहा, "जब हम यहां बनवाएं हैं तो यहां बैठकर मीटिंग कीजिए." उनके इस बयान को पार्टी कार्यालय का अधिक से अधिक उपयोग करने और संगठनात्मक गतिविधियों को यहीं से संचालित करने की सलाह के रूप में देखा जा रहा है.
पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में चर्चा
नीतीश कुमार के इस अचानक दौरे को संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और पार्टी कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, उनके दौरे को लेकर पहले से कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी. इस वजह से उनके अचानक पहुंचने की चर्चा पूरे दिन पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में होती रही.
सक्रिय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
पूर्व मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. निरीक्षण और जनसुनवाई कार्यक्रम का जायजा लेने के बाद नीतीश कुमार कार्यालय से रवाना हो गए. उनके इस दौरे को जेडीयू संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
