चीनी की खरीदारी पर लिमिट क्यों? बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का बड़ा कदम

THENEWSPOST
THENEWSPOST

Digital News Desk • August 27, 2026

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई पर बढ़ते दबाव का असर अब क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी दिखाई देने लगा है. Blinkit, Swiggy Instamart और BigBasket जैसे प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीदारी सीमित कर दी गई है. 

देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई पर बढ़ते दबाव का असर अब क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी दिखाई देने लगा है. Blinkit, Swiggy Instamart और BigBasket जैसे प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीदारी सीमित कर दी गई है. कई इलाकों में ग्राहक एक बार में 1 किलो के केवल तीन पैकेट या 5 किलो का एक पैकेट ही ऑर्डर कर पा रहे हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले करीब दो महीनों में चीनी की कीमतों में लगभग 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है. कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे सप्लाई पर दबाव और बाजार में उपलब्धता को लेकर चिंता प्रमुख वजह मानी जा रही है. बढ़ती कीमतों ने आम ग्राहकों के साथ-साथ कारोबारियों की भी परेशानी बढ़ा दी है.

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्र ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से 10 लाख टन चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी है. सरकार का मकसद अतिरिक्त सप्लाई के जरिए कीमतों पर दबाव कम करना और बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना है.

इसके अलावा, जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए चीनी के स्टॉक पर भी लिमिट लागू की गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कारोबारी जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करके कृत्रिम कमी पैदा न कर सकें.

क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स द्वारा लगाई गई खरीदारी सीमा को भी इसी व्यापक सप्लाई संकट के बीच एक एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है. फिलहाल ग्राहकों को जरूरत के मुताबिक ही चीनी खरीदने की सलाह दी जा रही है. आने वाले दिनों में आयात और बेहतर सप्लाई से कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है.