मुंबई: BKC स्थित Jio World Plaza में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का कथित फर्जी पहचान पत्र दिखाकर हथियार के साथ प्रवेश करने के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहन प्रेमल पारिख (24) और दिलीप राजाराम कुंदे (49) के रूप में हुई है. वहीं, तीसरे आरोपी प्रथमेश गणेश बागुल (26) की तलाश जारी है.
पुलिस के रिमांड आवेदन के मुताबिक, 7 सितंबर 2026 की शाम करीब 4:50 बजे तीन लोग हथियार के साथ Jio World Plaza में प्रवेश करने पहुंचे थे. सुरक्षा गार्ड ने उन्हें हथियार के साथ अंदर जाने से रोक दिया. आरोप है कि इसी दौरान रोहन पारिख ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार का अधिकारी बताते हुए कथित PMO पहचान पत्र दिखाया. पहचान पत्र देखने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें परिसर में प्रवेश करने दिया.
CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने Jio World Plaza में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज के आधार पर उस कार की जानकारी जुटाई गई, जिससे आरोपी पहुंचे थे. इसके बाद कार से जुड़े मोबाइल नंबरों की जांच करते हुए पुलिस रोहन पारिख तक पहुंची.
पुलिस के अनुसार, रोहन से पूछताछ के दौरान उसने अपने साथ मौजूद दो अन्य लोगों की पहचान दिलीप राजाराम कुंदे और प्रथमेश गणेश बागुल के रूप में बताई. PMO के कथित पहचान पत्र और प्रधानमंत्री कार्यालय में नौकरी से जुड़े सवालों पर रोहन कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.
दिलीप कुंदे के पास से रिवॉल्वर और छह कारतूस बरामद
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी दिलीप राजाराम कुंदे की तलाशी के दौरान एक काले रंग की रिवॉल्वर, छह जिंदा कारतूस और एक भूरे रंग का होल्स्टर बरामद किया गया. पुलिस ने उसका मोबाइल फोन भी जब्त किया है.
बरामद हथियार पर IOF, NP A 1477/04, NP MPF 32" MK-1 और A1477/04 अंकित होने की बात पुलिस ने कही है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास हथियार का वैध लाइसेंस था या नहीं और घटना के समय हथियार लेकर परिसर में प्रवेश करने से संबंधित किसी प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन हुआ था या नहीं.
कथित फर्जी PMO ID की जांच
पुलिस के रिमांड आवेदन के अनुसार, आरोपी के पास मौजूद कथित PMO पहचान पत्र में उसे जारी करने वाले अधिकारी का पद दर्ज नहीं था. कार्ड पर जारी करने की तारीख थी, लेकिन उसकी वैधता समाप्त होने की तारीख का उल्लेख नहीं था.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी पहचान पत्र किसने तैयार किया, वह आरोपी तक कैसे पहुंचा और इसे इस्तेमाल करने के पीछे क्या उद्देश्य था. जांच के तहत आरोपी के मोबाइल फोन का डिजिटल डेटा भी खंगाला जा रहा है. पुलिस इलेक्ट्रॉनिक बातचीत और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है.
आपसी मिलीभगत और पूर्व तैयारी की भी जांच
पुलिस के रिमांड आवेदन में आरोप लगाया गया है कि तीनों ने कथित तौर पर आपसी मिलीभगत और पूर्व तैयारी के साथ PMO के फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया और खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर निजी सुरक्षा कर्मियों को प्रभावित किया.
जांच एजेंसी तीनों आरोपियों के बीच संबंध, घटना से पहले उनकी गतिविधियों और Jio World Plaza पहुंचने के उद्देश्य का पता लगाने में जुटी है. फरार आरोपी प्रथमेश बागुल की तलाश भी जारी है.
कई धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में BKC पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच के दौरान कथित फर्जी पहचान पत्र तैयार करने और उसके इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं को भी शामिल किया गया है.
पुलिस ने आरोपियों की हिरासत की मांग करते हुए कहा है कि मामले में फरार आरोपी की तलाश, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है.
फिलहाल रोहन प्रेमल पारिख और दिलीप राजाराम कुंदे पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि प्रथमेश गणेश बागुल की तलाश जारी है. मामले की आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है.
