होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री जहाज पर हुए मिसाइल हमले के बाद बिहार के वैशाली जिले का एक युवक सुमित सिंह लापता है. घटना के पांच दिन बाद भी सुमित का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार में मातम पसरा है. परेशान परिजनों ने सुमित का पुतला बनाकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया.
सुमित सिंह वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के किरतपुर राजाराम गांव का रहने वाला था. परिजनों के मुताबिक, 12 सितंबर की देर रात हुए हमले से करीब चार-पांच घंटे पहले सुमित की परिवार से फोन पर बातचीत हुई थी. उसने बताया था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा है नीचे आपकी खबर को करीब 300 शब्दों में क्रिस्प और न्यूज़-रिपोर्टिंग स्टाइल में तैयार किया गया है:और यह इलाका बेहद संवेदनशील है. उसने कहा था कि इस क्षेत्र से सुरक्षित निकलने के बाद दोबारा बात करेगा. लेकिन इसके बाद सुमित का फोन नहीं आया.
कुछ समय बाद परिजनों को समुद्री जहाज पर मिसाइल हमले की जानकारी मिली. बताया गया कि जहाज पर कुल 14 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 13 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया, जबकि सुमित सिंह लापता है.
परिजनों का दावा है कि सुमित के साथ काम करने वाले एक सहयोगी ने उन्हें बताया कि उसकी मौत हो चुकी है और वह इंजन में फंसा हो सकता है. हालांकि, परिवार का कहना है कि सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक उन्हें सुमित की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
परिजनों के मुताबिक, वे ओमान स्थित भारतीय दूतावास से लेकर गृह मंत्रालय तक संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है. परिवार ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर भी सुध नहीं लेने का आरोप लगाया है.
सुमित पिछले पांच-छह वर्षों से समुद्री क्षेत्र में काम कर रहा था और मई महीने में इसी जहाज पर गया था. वह शादीशुदा था और उसके दो छोटे बच्चे हैं. बच्चों को अब तक यह तक नहीं पता कि उनके पिता के साथ आखिर हुआ क्या है. परिवार को अब भी आधिकारिक पुष्टि और सुमित के बारे में स्पष्ट जानकारी का इंतजार है.
