चाईबासा: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो मंगलवार को पहली बार सादर मार्ग से दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ गुवा पहुंचे. यहां उन्होंने गुवा गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए. कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने झारखंड सरकार और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा.
जयराम महतो ने कहा कि गुवा समेत झारखंड आंदोलन के तमाम शहीदों ने जिस झारखंड का सपना देखा था, वह आज भी अधूरा है. जिन अधिकारों और उद्देश्यों के लिए लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उनके अनुरूप राज्य का विकास अब तक नहीं हो सका है.
उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौरान गांव-गांव से लोग अपने घरों से निकलकर आंदोलन में शामिल हुए और कई लोगों ने शहादत दी. लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद अलग झारखंड राज्य का गठन हुआ, लेकिन आज यह सवाल खड़ा होता है कि क्या राज्य वास्तव में शहीदों के सपनों के अनुरूप आगे बढ़ पाया है.
सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
डुमरी विधायक ने राज्य में विकास की स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि झारखंड में भ्रष्टाचार और माफियाओं का बोलबाला है. उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर आम लोगों को आज भी कई बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व में झारखंड आंदोलन चला था और आज राज्य की सत्ता हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के पास है. ऐसे में शहीदों के सपनों के अनुरूप झारखंड बनाने की जिम्मेदारी भी मौजूदा सरकार की है.
शहीद दिवस के आयोजन पर भी उठाए सवाल
गुवा में शहीद दिवस के आयोजन को लेकर किए गए खर्च और तामझाम पर भी जयराम महतो ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायकों के पोस्टर-बैनर, होर्डिंग और बड़े-बड़े पंडाल लगाए गए हैं.
उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आयोजनों में होने वाले खर्च को कम करके उस राशि का इस्तेमाल शहीद परिवारों की मदद और उनके गांवों में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाए, तो यह शहीदों के प्रति अधिक सार्थक श्रद्धांजलि होगी.
उन्होंने कहा कि शहीद दिवस केवल फूल चढ़ाने और श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं होना चाहिए. शहीद परिवारों की स्थिति में सुधार और उनके गांवों का विकास ही सच्ची श्रद्धांजलि है.
‘शहीदों के सपनों का झारखंड बनाना होगा’
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड का निर्माण जल, जंगल और जमीन तथा अपने अधिकारों की लड़ाई के लंबे संघर्ष और बलिदानों की पृष्ठभूमि में हुआ है. अब राजनीतिक दलों और सरकारों को यह तय करना होगा कि वे शहीदों के नाम पर केवल आयोजन और राजनीति करेंगे या उनके सपनों को धरातल पर उतारने के लिए ठोस काम भी करेंगे.
गुवा की धरती से दिए गए जयराम महतो के इस बयान ने शहीद दिवस के मौके पर राजनीतिक चर्चा को भी तेज कर दिया. उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों को सम्मान, उनके गांवों में विकास और आम जनता को उसके अधिकार दिलाना ही झारखंड आंदोलन के बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
