इन तीनों फ्लाइओवर का निर्माण स्टेट हाइवे ऑथोरिटी ऑफ झारखंड की ओर से कराया जाएगा. काम EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मोड में होगा. आसान भाषा में कहें तो जिस कंपनी को प्रोजेक्ट मिलेगा, डिजाइन से लेकर निर्माण पूरा करने तक की जिम्मेदारी उसी की होगी.
हरमू में बनेगा करीब 3.5 किमी लंबा फ्लाइओवर
हरमू फ्लाइओवर शहर के व्यस्त इलाकों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट होगा. यह सहजानंद चौक के पहले से शुरू होगा और हरमू रोड से होते हुए रातू रोड को पार कर कांके रोड स्थित जज कॉलोनी तक जाएगा. इसकी लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर होगी.
इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 326.61 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था. हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी यानी HCC का एल-वन चयन हुआ है. फ्लाइओवर पर सहजानंद चौक की ओर से आने वाले वाहनों के लिए रातू रोड की तरफ जाने की अलग व्यवस्था भी होगी. इसके लिए गोशाला के सामने उतरने का विकल्प दिया जाएगा.
अरगोड़ा चौक पर चारों तरफ के ट्रैफिक को राहत
अरगोड़ा-चापुटोली फ्लाइओवर के निर्माण के लिए करीब 223.14 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ था. इसके लिए दिनेश चंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन कंपनी एल-वन रही है.
यह फ्लाइओवर हरमू रोड में काव्स रेस्टोरेंट के पास से शुरू होकर डिबडीह ब्रिज से पहले तक जाएगा. अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ की ओर चापुटोली और अशोक नगर रोड नंबर-3 की तरफ भी इसका विस्तार होगा. यहां राउंड अबाउट की व्यवस्था रखने की योजना है. पूरे फ्लाइओवर की लंबाई करीब 3.804 किलोमीटर होगी.
करमटोली से चिरौंदी का सफर होगा आसान
तीसरा बड़ा प्रोजेक्ट करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर है. इसे करमटोली चौक से साइंस सिटी यानी चिरौंदी तक बनाया जाएगा. इसकी कुल लंबाई करीब 3.216 किलोमीटर होगी. इसमें मुख्य फ्लाइओवर करीब 2.7 किलोमीटर लंबा होगा.
इसके साथ करीब 0.52 किलोमीटर का लिंक मोरहाबादी की तरफ दिया जाएगा. इससे मोरहाबादी मैदान और स्टेडियम की तरफ आने-जाने वाले लोगों को फायदा होगा. इस परियोजना के लिए करीब 351 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया था और शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी का एल-वन चयन हुआ है.
तीनों प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद रांची के हरमू, रातू रोड, अरगोड़ा, डिबडीह, करमटोली, मोरहाबादी और चिरौंदी जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है. फिलहाल नजर रेट नेगोशिएशन और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पर है. इसके पूरा होते ही शहर में तीन बड़े फ्लाइओवर का निर्माण एक साथ शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा.
