रांची (RANCHI): JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में जेल में बंद राज्य के पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने अब जमानत के लिए कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने अपने अधिवक्ता के जरिए रांची स्थित CID की विशेष अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है. याचिका पर अब अदालत में सुनवाई होनी है.
गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में हैं खियांग्ते
एल. खियांग्ते करीब एक साल तक झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC के अध्यक्ष रहे थे. परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान CID ने उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं. अब उन्होंने जेल से बाहर आने के लिए अदालत में जमानत की गुहार लगाई है.
CID केस में 20 से ज्यादा गिरफ्तारियां
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है. जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला भी जारी रहा है. अब तक 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है. जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया, उससे जुड़ी एजेंसियों और कथित लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है.
कमीशन लेने के आरोपों की भी जांच
CID की जांच में एल. खियांग्ते पर परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों से कथित तौर पर कमीशन के रूप में बड़ी रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं. एजेंसी इन आरोपों से जुड़े साक्ष्यों और लेन-देन की जानकारी की पड़ताल कर रही है. हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा. अब एल. खियांग्ते की जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई अहम मानी जा रही है. अदालत के फैसले से यह तय होगा कि उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहना होगा या जमानत पर बाहर आने का रास्ता साफ होगा.
