टीएनपी डेस्क(TNP DESK): बोकारो स्टील प्लांट में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ और विस्थापित परिवारों का आंदोलन उग्र हो गया है, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद आज विस्थापितों ने बोकारो स्टील प्लांट के मेन गेट को छोड़ सभी गेट जाम कर दिया है, जिससे प्लांट में आवागमन ठप हो गया. इससे पहले आंदोलनकारियों ने दो गेट जाम कर सांकेतिक विरोध जताया था, लेकिन प्रबंधन की ओर से वार्ता की पहल नहीं होने से नाराज विस्थापितों ने आज बाकी गेटों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया. कल मेन गेट को भी जाम करने की घोषणा की गई है.
रोजगार के उम्मीद में दी थी जमीन
विस्थापितों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमीन प्लांट की स्थापना के लिए इस उम्मीद में दी थी कि उनके परिवारों को रोजगार मिलेगा, लेकिन आज उन्हें अपने ही हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, आंदोलनकारियों ने प्रबंधन से चतुर्थवर्गीय पदों पर आरक्षित बहाली जल्द शुरू करने, प्लांट में अप्रेंटिस का प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवाओं को नियोजन देने और विस्थापितों को उनका हक-अधिकार देने की मांग की है. विस्थापित ने साफ तौर पे कहा कि भूख हड़ताल के बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं की गई, ऐसे में अब उनकी लड़ाई आर-पार की होगी.
क्यों हो रहा है धरना
बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में मुख्य रूप से नियोजन (नौकरी), विस्थापितों के अधिकार और कर्मचारियों की छंटनी/ग्रेडिंग सिस्टम को लेकर धरना और आंदोलन हो रहा है, इस आंदोलन के समर्थन में बोकारो की विधायक श्वेता सिंह सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि और कई विस्थापित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरने पर बैठे हैं. धरना और भूख हड़ताल पिछले छठे दिन से जारी है और लोगों अपनी मांग को लेकर अड़े हुए है.
रिपोर्ट- संजीव कुमार
