मिसिर बेसरा से 14 दिन तक पुलिस करेगी पूछताछ,नक्सलवाद के जाल का होगा खुलासा

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Digital News Desk • July 31, 2026

 प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा समेत उसके दो सहयोगियों मोछू मुर्मू और गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा से अब सुरक्षा एजेंसियां गहन पूछताछ करेंगी. धनबाद की अदालत ने तीनों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी है. गुरुवार को पुलिस की ओर से दाखिल रिमांड आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह आदेश दिया. 

 

 

धनबाद (DHANBAD): प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा समेत उसके दो सहयोगियों मोछू मुर्मू और गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा से अब सुरक्षा एजेंसियां गहन पूछताछ करेंगी. धनबाद की अदालत ने तीनों को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी है. गुरुवार को पुलिस की ओर से दाखिल रिमांड आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह आदेश दिया. अब शुक्रवार से पुलिस तीनों को औपचारिक रूप से रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू करेगी.

माओवादी नेटवर्क के बड़े खुलासों की उम्मीद

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तीनों से पूछताछ के दौरान माओवादी संगठन के संचालन, हथियारों की आपूर्ति, फंडिंग और विभिन्न राज्यों में फैले नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं. खास तौर पर मिसिर बेसरा को संगठन के शीर्ष नेताओं में गिना जाता है, इसलिए उससे मिलने वाली जानकारी जांच एजेंसियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

गिरफ्तारी के दौरान हथियारों का जखीरा बरामद

तीनों माओवादियों को 28 जुलाई की देर शाम धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के अनुसार, वे एक टाटा मैजिक वाहन से मोछू मुर्मू के घर जा रहे थे. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने उनके कब्जे से तीन AK-47 राइफलें, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी. सुरक्षा एजेंसियां इसे झारखंड और बिहार में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई मान रही हैं.

NIA, IB और CRPF भी करेगी पूछताछ

रिमांड के दौरान केवल झारखंड पुलिस ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) सहित कई केंद्रीय एजेंसियां भी तीनों से पूछताछ करेंगी. इसके अलावा मिसिर बेसरा के प्रभाव क्षेत्र को देखते हुए बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ पुलिस की टीमें भी पूछताछ में शामिल हो सकती हैं. जिला पुलिस ने संबंधित राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को इसकी सूचना भेज दी है.

लेवी, फंडिंग और हथियारों के ठिकाने होंगे जांच के केंद्र

14 दिनों की रिमांड के दौरान जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस माओवादी संगठन के लेवी वसूली तंत्र, फंडिंग नेटवर्क, शहरी मॉड्यूल और हथियारों की सप्लाई चेन पर रहेगा. अधिकारियों को उम्मीद है कि गिरफ्तार नक्सलियों की निशानदेही पर सारंडा, पारसनाथ और बूढ़ा पहाड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में छिपाए गए हथियारों के जखीरे, बंकर और अन्य ठिकानों का पता लगाया जा सकता है. इसके लिए आने वाले दिनों में कई स्थानों पर विशेष सर्च ऑपरेशन भी चलाए जाने की संभावना है.

अन्य राज्यों के मामलों में भी होगी कानूनी कार्रवाई

जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर विभिन्न राज्यों में दर्ज माओवादी मामलों की भी समीक्षा की जाएगी. जरूरत पड़ने पर NIA और अन्य राज्यों की पुलिस अपने-अपने मामलों में तीनों आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी या रिमांड की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मिसिर बेसरा से पूछताछ के दौरान संगठन के फरार शीर्ष नेताओं, उनकी गतिविधियों, रणनीतियों और नेटवर्क से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं, जो आने वाले समय में माओवादी संगठन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का आधार बनेंगे.