टीएनपी डेस्क (TNP DESK): JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. मामले की अगली सुनवाई के लिए शीर्ष अदालत ने 5 अक्टूबर की तारीख तय की है. सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता की ओर से समय मांगे जाने और दूसरी याचिका में नोटिस के बावजूद जवाब दाखिल नहीं किए जाने का मुद्दा सामने आया. इसके बाद तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई आगे बढ़ाने का निर्णय लिया.
बता दें कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने हरिशरण देवगन और मनीष कुमार की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. कार्यवाही शुरू होते ही मनीष कुमार की ओर से पेश वकील ने वरिष्ठ अधिवक्ता की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया.
वहीं, हरिशरण देवगन की ओर से अदालत को बताया गया कि उनकी याचिका पर जारी नोटिस के बावजूद संबंधित प्रतिवादियों की ओर से अब तक जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है. याचिका में जिन पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है, उनकी ओर से जवाब नहीं आने का मामला भी सुनवाई के दौरान उठाया गया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया.
सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका
हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है. वहीं मनीष कुमार की ओर से आपराधिक रिट याचिका दायर की गई है. दोनों मामलों में उठाए गए मुद्दे नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े कथित अनियमितताओं से संबंधित हैं.
मनीष कुमार की याचिका में भी उन्हीं पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है, जिन्हें हरिशरण देवगन की याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है. फिलहाल शीर्ष अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है. उस दिन प्रतिवादियों की ओर से जवाब दाखिल किए जाने और दोनों याचिकाओं से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर सुनवाई होने की संभावना है.
