चतरा (CHATRA): झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इसी क्रम में चतरा जिले के पत्थलगड्डा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) तेजनारायण पंडित को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में लिया है. उनसे परीक्षा में कथित गड़बड़ी और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पूछताछ की जा रही है.
जानकारी के अनुसार, तेजनारायण पंडित सोमवार देर रात विभागीय काम से चतरा समाहरणालय पहुंचे थे. इसी दौरान CID के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने उन्हें परिसर से ही अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए ले जाया गया. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि JSSC CGL परीक्षा से जुड़े मामले में उनकी क्या भूमिका रही है और किन लोगों के साथ उनके संभावित संपर्क थे.
सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान तेजनारायण पंडित का नाम सामने आया था. इसके बाद CID के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई की. फिलहाल जांच एजेंसी उनसे परीक्षा प्रक्रिया, संदिग्ध संपर्कों और कथित गड़बड़ी से जुड़े अन्य पहलुओं पर सवाल-जवाब कर रही है. हालांकि, पूछताछ पूरी होने से पहले उनकी भूमिका को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा करने से बच रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
इधर, JSSC CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर झारखंड में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है. छात्रों की मांगों और बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त की रात बड़ा फैसला लेते हुए JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया. इसके साथ ही TDPL कंपनी द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं को भी रद्द करने की घोषणा की गई है. अब CGL परीक्षा रद्द होने के बाद CID की जांच और तेज हो गई है. जांच एजेंसी कथित गड़बड़ी में शामिल लोगों की भूमिका के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. तेजनारायण पंडित से पूछताछ के बाद जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
