दुमका: उपराजधानी दुमका में शारदीय नवरात्र के अवसर पर महासप्तमी के दिन बेलवरण अनुष्ठान के साथ मां दुर्गा का आह्वान किया गया. इसी के साथ शहर में मां की पूजा अर्चना का उल्लास और बढ़ गया. शहर के 30 से अधिक स्थानों पर भव्य और आकर्षक पूजा पंडाल बनाए गए हैं. महासप्तमी पर अधिकांश पंडालों के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मां के दर्शन को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला.

बड़ा बांध तालाब में पारंपरिक अनुष्ठान
मां दुर्गा के आह्वान के लिए श्रद्धालु ढाक की थाप और भक्तिमय माहौल के बीच दुमका के बड़ा बांध तालाब पहुंचे. यहां पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ बेलवरण अनुष्ठान संपन्न किया गया. पूजा पाठ और धार्मिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो उठा. सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल पहल बनी रही और पूरा शहर मां दुर्गा की भक्ति में डूबा नजर आया.
पूजा पंडालों में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
बेलवरण अनुष्ठान के बाद पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी. आकर्षक सजावट, भव्य प्रतिमाओं और रोशनी से सजे पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. अगले तीन दिनों तक मां दुर्गा की पूजा अर्चना और दर्शन के लिए पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है.

बंगाल की परंपरा का दिखता है प्रभाव
पश्चिम बंगाल से सटे होने के कारण दुमका में दुर्गा पूजा का त्योहार विशेष उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है. यहां पूजा पंडालों की सजावट से लेकर पारंपरिक अनुष्ठानों तक में बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा की झलक देखने को मिलती है. महासप्तमी के साथ ही शहर में उत्सव का माहौल और अधिक जीवंत हो गया है.
श्रद्धालुओं में मां के दर्शन को लेकर उत्साह
मां दुर्गा की आराधना को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है. श्रद्धालु मधुलिखा मुखर्जी और रंजीता जायसवाल ने भी पूजा के माहौल और मां के प्रति अपनी आस्था से जुड़े विचार साझा किए. बेलवरण अनुष्ठान के साथ शुरू हुई पूजा अर्चना ने दुमका में दुर्गोत्सव की रौनक बढ़ा दी है.
