JSSC-CGL भर्ती परीक्षा की जांच पर पूर्व CM बाबूलाल मरांडी ने उठाया सवाल

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Digital News Desk • September 20, 2026

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL भर्ती परीक्षा को लेकर राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. जमशेदपुर परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में मरांडी ने हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दाखिल हालिया जवाबी हलफनामे का हवाला देते हुए सरकार के पुराने और मौजूदा पक्ष पर सवाल उठाए.

जमशेदपुर में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL भर्ती परीक्षा को लेकर राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. जमशेदपुर परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता में मरांडी ने हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दाखिल हालिया जवाबी हलफनामे का हवाला देते हुए सरकार के पुराने और मौजूदा पक्ष पर सवाल उठाए.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर राज्य सरकार अब पूरी परीक्षा प्रक्रिया को अनियमितताओं से प्रभावित मान रही है, तो पहले अदालत के सामने क्या तथ्य रखे गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पहले के दावों और अब हाईकोर्ट में रखे गए पक्ष में अंतर दिखाई दे रहा है. मरांडी ने JSSC-CGL मामले में पूर्व में हुई जांच और उसके निष्कर्षों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की.

उन्होंने कहा कि जांच केवल निचले स्तर पर आरोपित लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की निगरानी और संचालन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. मरांडी ने सुधीर गुप्ता, अनुराग गुप्ता, प्रशांत कुमार और मनोज कौशिक की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की.

पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछली CID जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अब व्यापक अनियमितताओं की बात सामने आ रही है, तो पहले की जांच में ये तथ्य क्यों सामने नहीं आए. उन्होंने मामले की CBI जांच की मांग दोहराई. साथ ही JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार और सचिव सुधीर गुप्ता को पद से हटाने तथा CID ADG मनोज कौशिक को हटाने की मांग की.

मरांडी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों या राजनीतिक नेतृत्व की संलिप्तता को लेकर लगाए गए आरोप फिलहाल राजनीतिक आरोप हैं. JSSC-CGL से जुड़ा मामला झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है.