अन्नराज डैम बना रोजगार का जरिया
गढ़वा सदर प्रखंड का भदुमा गांव चारों तरफ पहाड़ों से घिरा हुआ है. इसी इलाके में मौजूद अन्नराज डैम स्थानीय लोगों के लिए अब रोजगार का जरिया भी बन चुका है.
मत्स्य विभाग ने आदिम जनजाति के लोगों को मछली पालन से जोड़ने के लिए डैम में केज लगाए हैं. मछली पालक माणिक चंद कोरवा के मुताबिक विभाग की ओर से कुल 10 केज दिए गए हैं. एक केज में करीब 20 हजार मछलियां पाली जाती हैं. इस हिसाब से करीब दो लाख मछलियों का पालन किया जा रहा है.
मछली पालकों का कहना है कि पिछले साल इससे अच्छी कमाई हुई थी, लेकिन इस बार गर्मी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी. उनका दावा है कि करीब 70 हजार मछलियां मर गईं, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है.
विभाग ने 70 हजार के आंकड़े पर उठाए सवाल
वहीं जिला मत्स्य पदाधिकारी पी. कापसे का कहना है कि विभाग के पास 70 हजार मछलियों की मौत की जानकारी नहीं है.
उनके मुताबिक मछलियों के बीज बंगाल से मंगाए जाते हैं. लंबा सफर होने के कारण रास्ते में कुछ मछलियों की मौत हो सकती है. करीब दो लाख मछलियों के बीज में 10 से 20 हजार तक मछलियों की मौत की संभावना हो सकती है.
फिलहाल मछली पालकों और विभाग की ओर से मौत के अलग-अलग आंकड़े बताए जा रहे हैं. मत्स्य विभाग का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और पूरे मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है.
