सरायकेला में ईडी की टीम ने संजय डालमिया के पटनायक टोला स्थित आवास पर भी तलाशी ली. रिपोर्ट के मुताबिक, टीम सुबह करीब 7 बजे वहां पहुंची. घर के अंदर दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
अब समझिए पूरा मामला क्या है.
यह मामला साल 2017 का है. जांच में करीब 4.14 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का एक हिस्सा सामने आया है. कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, अलग-अलग बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर संजय डालमिया के लोन खातों को बंद करने का आरोप है.
वहीं, पूरे मामले में करीब 33 करोड़ रुपये के लोन और उसके भुगतान नहीं किए जाने की भी जांच हुई. इसी वजह से यह मामला 33 करोड़ रुपये के घोटाले के तौर पर चर्चित हुआ.
इस मामले में 22 अगस्त 2019 को सरायकेला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बाद में मामले की जांच सीआईडी ने भी की. तत्कालीन बैंक अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच और कानूनी कार्रवाई हुई.
अब ईडी इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जीवाड़े का पैसा कहां गया. किन खातों में रकम पहुंची. किन लोगों की भूमिका थी. और इस पैसे से जुड़ी संपत्तियां या दूसरे लेनदेन कहां हुए.
फिलहाल झारखंड और ओडिशा के 7 ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई जारी है. तलाशी में मिले दस्तावेज और दूसरे रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
