आज राजधानी में खुलेंगे 9 दुर्गे का पट, जानिए रांची में क्या है ट्रैफिक प्लान

THENEWSPOST
THENEWSPOST

Digital News Desk • October 14, 2026

रांची (RANCHI): राजधानी रांची में दुर्गा पूजा का उत्साह बढ़ने लगा है. ऐसे में आज यानी कि बुधवार से शहर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद है. पूजा समितियां तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं. इस वर्ष पंडालों में देश के प्रसिद्ध मंदिरों की झलक, महाभारत के प्रसंग और ग्रामीण संस्कृति देखने को मिलेगी. वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा और शहर में जाम से बचने के लिए रांची यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है. 14 से 21 अक्टूबर तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा. शहर के 144 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे, जबकि अलग-अलग मार्गों से आने वाले लोगों के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं.

रांची (RANCHI): राजधानी रांची में दुर्गा पूजा का उत्साह बढ़ने लगा है. ऐसे में आज यानी कि बुधवार से शहर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद है. पूजा समितियां तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं. इस वर्ष पंडालों में देश के प्रसिद्ध मंदिरों की झलक, महाभारत के प्रसंग और ग्रामीण संस्कृति देखने को मिलेगी. वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा और शहर में जाम से बचने के लिए रांची यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है. 14 से 21 अक्टूबर तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा. शहर के 144 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे, जबकि अलग-अलग मार्गों से आने वाले लोगों के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं.

इन पूजा पंडालों में दिखेगी भव्य सजावट
जिला स्कूल परिसर में श्री रामलला दुर्गा पूजा समिति ने वाराणसी के निकट स्थित स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया है. इसकी बनावट और मां दुर्गा की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रहेंगी. इसके निर्माण पर करीब 1.25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. बकरी बाजार में भारतीय युवक संघ ने तमिलनाडु के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर की शैली पर पंडाल तैयार किया है. सुनहरी सजावट के कारण यह दिन और रात दोनों समय आकर्षक नजर आएगा. इस पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.

मोरहाबादी में गीतांजलि क्लब ने वेल्लोर के लक्ष्मी नारायण मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया है. समिति अपने स्थापना वर्ष के 50वें पड़ाव पर है. पंडाल पर करीब 51 लाख रुपये खर्च किए गए हैं. सेवा सदन रोड में राजस्थान मित्र मंडल ने महाभारत की घटनाओं को थीम बनाया है. यहां चीरहरण और अर्जुन के मछली की आंख पर निशाना साधने जैसे प्रसंग चलंत दृश्यों के माध्यम से दिखाए जाएंगे. इस पंडाल की लागत लगभग 35 लाख रुपये है.

रेलवे स्टेशन स्थित पूजा पंडाल में भगवान विष्णु के वामन अवतार और ओणम की झलक देखने को मिलेगी. यहां कोलकाता से लाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है. पंडाल पर करीब 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. मेन रोड स्थित बांग्ला स्कूल परिसर में ओसीसी क्लब ने शिला कैलाश की थीम पर पंडाल तैयार किया है. वहीं, चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति ने गुजरात के द्वारिकाधीश मंदिर की शैली अपनाई है. इन दोनों पंडालों पर क्रमशः करीब 50 लाख और 80 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.

सुभाष चौक के पूजा पंडाल में ग्रामीण जीवन और पुरानी संस्कृति को दर्शाया जाएगा. यहां बग्गी, पालकी, डीजल ट्रेन, बाइस्कोप और हावड़ा ब्रिज जैसी झलकियां देखने को मिलेंगी. इसके निर्माण पर लगभग 27 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं. अपर बाजार स्थित बालकृष्णा स्कूल परिसर में ज्योति संगम दुर्गा पूजा समिति ने हस्तशिल्प कला पर आधारित पंडाल बनाया है. इसकी लागत करीब 30 लाख रुपये है.

14 से 21 अक्टूबर तक भारी वाहनों की नो-एंट्री

दुर्गा पूजा के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए 14 से 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से अगले दिन सुबह 4 बजे तक शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इसके लिए 17 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे. इनमें लॉ यूनिवर्सिटी कांके, बोडेया रिंग रोड, बीआईटी नेवरी गोलचक्कर, खेलगांव से कोकर जाने वाला रास्ता, दुर्गा सोरेन चौक, रामपुर, खरसीदाग, बिरसा चौक और शहीद मैदान समेत अन्य मार्ग शामिल हैं. आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले वाहनों के लिए सुबह 3 बजे से 8 बजे के बीच प्रवेश की व्यवस्था निर्धारित की गई है. शहर के भीतर यातायात नियंत्रित करने के लिए 144 स्थानों पर ड्रॉप गेट लगाए जाएंगे. रेडियम चौक, सुभाष चौक, शहीद चौक, फिरायालाल चौक, बकरी बाजार, अपर बाजार, सर्जना चौक, सुजाता चौक, किशोरगंज, पहाड़ी मंदिर, कोकर चौक, अरगोड़ा चौक, बिरसा चौक और हरमू चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रहेगी.

दोपहर 3:30 बजे से छोटे वाहनों के रूट में बदलाव
यातायात योजना के अनुसार, प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक छोटे और यात्री वाहनों की आवाजाही निर्धारित मार्गों के अनुसार नियंत्रित की जाएगी. मेन रोड के व्यस्त हिस्सों में निजी कारों, ऑटो, ई-रिक्शा और छोटे मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा. पिस्का मोड़ से न्यू मार्केट जाने वाले छोटे वाहन मीनाक्षी सिनेमा मोड़ से पहाड़ी मंदिर होते हुए किशोरगंज और हरमू चौक की ओर जा सकेंगे. हरमू से रातू रोड जाने वाले चारपहिया वाहन किशोरगंज चौक तक ही जा सकेंगे. कांके रोड से आने वाले वाहनों के लिए जाकिर हुसैन पार्क और रेडियम रोड होते हुए कचहरी चौक पहुंचने का मार्ग तय किया गया है.

कहां करें वाहनों की पार्किंग?
श्रद्धालुओं के लिए सैनिक मार्केट, जीईएल चर्च कॉम्प्लेक्स, जिला स्कूल, बालकृष्णा स्कूल परिसर, मिशन चौक, संत जॉन्स स्कूल, रेलवे पार्किंग, साधु मैदान और राम लखन यादव कॉलेज परिसर समेत विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. हरमू मैदान, बरियातू मैदान, शहीद मैदान, संत जॉन स्कूल मैदान बहुबाजार, संत जेवियर कॉलेज परिसर, बिरसा मुंडा संग्रहालय पार्किंग, अटल वेंडर मार्केट और नागाबाबा खटाल के पार्किंग स्थल भी निर्धारित किए गए हैं. श्रद्धालुओं को संबंधित पंडाल के नजदीक निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने की सलाह दी गई है.