बोरवेल पर अब सख्ती! 4 इंच से ज्यादा की अनुमति नहीं, बिना परमिशन कराया तो भरना पड़ सकता है 1 लाख तक जुर्माना

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Digital News Desk • September 4, 2026

रांची में लगातार गिरते भूगर्भ जलस्तर और गर्मी के दौरान सामने आने वाले जल संकट को देखते हुए रांची नगर निगम ने घरेलू बोरिंग को लेकर नियम कड़े कर दिए हैं. अब घरों में ट्यूबवेल या बोरवेल कराने से पहले नगर निगम की अनुमति लेना अनिवार्य होगा. 

 

रांची (RANCHI): राजधानी रांची में लगातार गिरते भूगर्भ जलस्तर और गर्मी के दौरान सामने आने वाले जल संकट को देखते हुए रांची नगर निगम ने घरेलू बोरिंग को लेकर नियम कड़े कर दिए हैं. अब घरों में ट्यूबवेल या बोरवेल कराने से पहले नगर निगम की अनुमति लेना अनिवार्य होगा. घरेलू उपयोग के लिए अधिकतम 4 इंच व्यास की बोरिंग की ही अनुमति दी जाएगी. नगर निगम की ओर से जारी आम सूचना में कहा गया है कि शहर में बड़े पैमाने पर रिग मशीन और वाहनों के जरिए बोरिंग कराए जाने से भूजल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है. इसका असर गर्मी के दिनों में पानी की उपलब्धता पर पड़ता है. इसी को देखते हुए बोरिंग को नियंत्रित करने के साथ भूजल संरक्षण पर जोर दिया गया है.

नए नियमों के तहत ऐसे भवनों को बोरिंग की अनुमति नहीं मिलेगी, जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं है. अगर किसी घर में पहले से वर्षाजल संचयन की सुविधा नहीं है तो बोरिंग की अनुमति लेने से पहले इसे स्थापित करना होगा. यानी अब बोरिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को आपस में जोड़ दिया गया है. नगर निगम के मुताबिक घरेलू ड्रिल बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित इलाके के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर तय होगी. बोरिंग पूरी होने के बाद उसकी गहराई और उस समय के जलस्तर की जानकारी भी नगर निगम को देनी होगी.

बोरिंग के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को पहचान पत्र, होल्डिंग रसीद, जीपीएस फोटो और जरूरी अनुमति से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे. बोरिंग सिर्फ निजी जमीन पर ही कराई जा सकेगी. सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले में बोरिंग करने की अनुमति नहीं होगी. अगर नियमों के खिलाफ ऐसी जगह पर बोरिंग कराई जाती है तो भवन मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा नगर निगम बोरिंग को सील भी कर सकता है. नगर निगम ने बोरिंग की अनुमति के बाद इसे कराने के लिए 15 दिनों की समय सीमा तय की है. इस अवधि में बोरिंग नहीं कराने पर अनुमति अपने आप रद्द मानी जाएगी. हालांकि विशेष परिस्थितियों में 15 दिन की अवधि के बाद अनुमति दिए जाने का प्रावधान रखा गया है.

आवासीय बोरिंग के लिए कितना शुल्क?

0 से 5000 वर्गफीट तक का आवासीय भवन: 2500 रुपये

5000 वर्गफीट से अधिक का आवासीय भवन: 5000 रुपये

0 से 1000 वर्गफीट तक का व्यावसायिक भवन: 10 हजार रुपये

1000 वर्गफीट से अधिक का व्यावसायिक भवन: 10 रुपये प्रति वर्गफीट

बिनापूर्व अनुमति बोरिंग कराने वालों पर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया है. नियम तोड़कर आवासीय बोरिंग कराने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं व्यावसायिक बोरिंग के मामले में एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है. इसके साथ बोरिंग को सील भी किया जा सकता है. नगर निगम ने साफ किया है कि जरूरत के मुताबिक भविष्य में इन नियमों, शर्तों और शुल्क में बदलाव किया जा सकता है.

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि बोरिंग को लेकर नगर निगम के नए नियम प्रभावी हैं और सभी लोगों को इनका पालन करना चाहिए. उन्होंने लोगों से अपील की कि बोरिंग कराने से पहले नगर निगम से अनुमति जरूर लें और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर जुर्माना लगाने के साथ बोरिंग को सील भी किया जा सकता है. नगर निगम का उद्देश्य बोरिंग पर पूरी तरह रोक लगाना नहीं, बल्कि भूजल के अनियंत्रित दोहन को रोकना और रांची के जलस्रोतों को सुरक्षित रखना है.