बोकारो (BOKARO): बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है. इस बार अस्पताल के स्टाफ पर नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर 40 हजार रुपये मांगने और नवजात बच्ची को 2 लाख रुपये में बेचने का ऑफर देने का आरोप लगा है. मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और बोकारो स्टील प्रबंधन हरकत में आ गया है. चास एसडीएम प्रांजल ढांडा ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. वहीं, सेक्टर-4 थाना पुलिस भी पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. फिलहाल पीड़ित मां और नवजात बच्ची को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला बोकारो के सर्कस मैदान निवासी मनोज कुमार बाउरी और उनकी पत्नी सोनी कुमारी से जुड़ा है. सोनी कुमारी 29 अक्टूबर को बोकारो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती हुई थीं. परिजनों के मुताबिक, 30 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे उन्होंने सामान्य प्रसव के जरिए एक बच्ची को जन्म दिया. आरोप है कि इसके बाद अस्पताल के स्टाफ ने डिलीवरी के नाम पर परिजनों से 40 हजार रुपये की मांग की. विरोध करने पर कथित तौर पर यह रकम घटाकर पहले 21 हजार और फिर 15 हजार रुपये कर दी गई. परिजनों ने 10 हजार रुपये जमा भी कर दिए, लेकिन इसके बाद दोबारा फोन कर 10 हजार रुपये देने का दबाव बनाया जाने लगा.
मामले में सबसे गंभीर आरोप नवजात बच्ची को बेचने का ऑफर देने से जुड़ा है. बच्ची के पिता मनोज कुमार बाउरी का आरोप है कि अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी और तीन नर्सों ने उनकी नवजात बच्ची को 2 लाख रुपये में बेचने का प्रस्ताव दिया. कथित तौर पर उनसे कहा गया कि वे गरीब हैं और बच्ची का पालन-पोषण नहीं कर पाएंगे, इसलिए उसे बेच देना ही बेहतर होगा. हालांकि, पिता ने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया. उनका आरोप है कि इसके बाद भी अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से बच्ची को छोड़ने और पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया.
इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पीड़िता सोनी कुमारी अस्पताल में बच्चों को बेचने के लिए कागजात तैयार किए जाने की बात कहती नजर आ रही हैं. वीडियो में वह यह दावा भी करती दिखाई दे रही हैं कि अस्पताल से पहले भी कई बच्चों को बेचा जा चुका है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. वीडियो में सोनी अपने पति से पूछकर बच्ची को बेचने की बात कहने का भी जिक्र करती हैं. वह पति के विरोध के कारण आत्महत्या करने तक की बात कहती सुनाई दे रही हैं.
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए चास एसडीएम प्रांजल ढांडा ने जांच के निर्देश दिए हैं. सेक्टर-4 थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. हालांकि, शुरुआती जांच में फिलहाल इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है. पीड़ित मां और बच्ची को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
वहीं, बोकारो स्टील प्रबंधन भी मामले को गंभीरता से ले रहा है. अब पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अस्पताल में पैसे की मांग और नवजात बच्ची को बेचने का ऑफर देने के आरोपों में कितनी सच्चाई है. फिलहाल इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रिपोर्ट: संजीव कुमार
