घटना रात करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है. मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के प्रभारी वनपाल राजकुमार साहू भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की.
मुखिया का आरोप- लंबे समय से चल रहा अवैध खनन
मुखिया ज्योति बहेर देवी का आरोप है कि लुचुत पाठ और आसपास के इलाके में लंबे समय से अवैध तरीके से बॉक्साइट निकाला जा रहा है. इसको लेकर पहले भी पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी गई है, लेकिन इसके बाद भी खनन पूरी तरह बंद नहीं हुआ.
मुखिया ने पूरे मामले की जानकारी फोन पर गुमला डीसी दिलेश्वर महतो को भी दी. उन्होंने मांग की कि मामले की जांच कर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
स्थानीय ग्रामीणों का भी कहना है कि इलाके में बॉक्साइट के अवैध खनन का मामला पहली बार सामने नहीं आया है. इससे पहले भी ऐसी शिकायतें होती रही हैं.
खनन से जंगल और पर्यावरण को लेकर भी चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं होता, बल्कि इसका असर आसपास के गांवों और पर्यावरण पर भी पड़ता है. बॉक्साइट निकालने के लिए होने वाली खुदाई और भारी वाहनों की आवाजाही से धूल की समस्या बढ़ती है.
लोगों का आरोप है कि खनन के कारण जंगलों को भी नुकसान पहुंच रहा है. ग्रामीण स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों की भी शिकायत कर रहे हैं. हालांकि, किसी बीमारी का सीधा संबंध बॉक्साइट खनन से है या नहीं, इसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही हो सकती है.
बार-बार शिकायत के बाद भी खनन क्यों नहीं रुक रहा?
अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि अगर इलाके में बार-बार अवैध खनन की शिकायत सामने आ रही है तो इस पर पूरी तरह रोक क्यों नहीं लग पा रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और खनन टास्क फोर्स से लगातार निगरानी और कार्रवाई की मांग की है.
फिलहाल वन विभाग मामले की जांच कर रहा है. जांच के बाद ही साफ होगा कि ग्रामीणों द्वारा रोके गए ट्रक और JCB किसके हैं और मौके पर किया जा रहा खनन वैध था या अवैध.
