देवघर (DEOGHAR) : सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धा और आस्था का विशाल संगम देखने को मिल रहा है. भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचे हैं. भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देर रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं. पूरा मंदिर क्षेत्र बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है.
अंतिम सोमवारी पर बना विशेष धार्मिक संयोग
धार्मिक जानकारों के अनुसार सावन की अंतिम सोमवारी का इस बार विशेष महत्व है. सोमवार के साथ द्वादशी और उसके बाद त्रयोदशी यानी प्रदोष का संयोग शिव आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि ऐसे अवसर पर भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक और विधि-विधान से पूजन करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
सावन के सोमवार को लेकर समुद्र मंथन से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं. मान्यता के अनुसार सावन के चौथे सोमवार का संबंध माता लक्ष्मी के प्राकट्य से जोड़ा जाता है. माता लक्ष्मी को धन, वैभव, ऐश्वर्य और समृद्धि की देवी माना गया है. इसी वजह से श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.
बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़े भक्त
इस धार्मिक महत्व के कारण बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का भारी दबाव बना हुआ है. दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे कांवरिये और अन्य भक्त बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर मंगलकामना कर रहे हैं. प्रशासन के लिए इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन और जलार्पण कराना बड़ी चुनौती बनी हुई है.
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की है. भीड़ प्रबंधन से लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा तक पर विशेष नजर रखी जा रही है. मंदिर परिसर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं.सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर देवघर में करीब 3 से 3.5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है. भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है.
रिपोर्ट – प्रशांत कुमार
