बक्सर शहर के वार्ड नंबर 16 की हकीकत कुछ और ही है. यहां कूड़ा उठाने के लिए नगर परिषद की गाड़ियां नहीं, कर्मियों का देसी जुगाड़ चलता है.
वार्ड नंबर 16 में कूड़े के उठाव को लेकर संसाधन नहीं रहने से भारी परेशानी हो रही है. नगर परिषद की तरफ से ठेला तो मिला है लेकिन कई दिनों से खराब पड़ा है. ऐसे में कर्मी बोरा और प्लास्टिक के सहारे कूड़े का उठाव करते हैं. हर दिन भारी परेशानी होती है, कभी बोरा फट जाता है तो कूड़ा वहीं बिखर जाता है.
मतलब सिस्टम ऐसा कि स्वच्छ भारत मिशन का नारा है, लेकिन वार्ड में मिशन बोरे वाला चल रहा है. कर्मी भी क्या करें, जो मिला उसी से काम चलाना पड़ रहा है. वार्ड के कर्मी भी सुबह उठते ही पहले कूड़े के ढेर को बड़े ही संघर्ष के साथ सफाई करते हैं
इस पूरे मामले को लेकर वार्ड पार्षद विजय राजभर ने कहा है कि इसकी शिकायत ऊपर हमने कई बार की है लेकिन सुनी कुछ नहीं. हर रोज वार्ड में कूड़े की सफाई को लेकर जिल्लत उठानी पड़ती है. कोई संसाधन व्यवस्था नहीं है.
बक्सर से धीरज कुमार की रिपोर्ट..
